Maur Mandi Bomb Blast:
तलवंडी साबो कोर्ट ने 31 जनवरी 2017 को मौर मंडी में हुए दर्दनाक बम धमाके के मामले में एक अहम कदम उठाया है और 18 गवाहों को समन जारी किया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास नीरज गोयल ने इस मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दी है और संबंधित गवाहों को 9 जुलाई को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।इस भयानक धमाके में पांच मासूम बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 25 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लंबे समय से लंबित इस मामले में कोर्ट की कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवारों में इंसाफ़ की उम्मीद फिर से जाग गई है।
नौवीं कक्षा का छात्र की हुई थी मौत
धमाके में जान गंवाने वाले जपसिमरन सिंह के दादा बलवीर सिंह ने बताया कि उनका पोता नौवीं कक्षा का छात्र था। इस दुखद हादसे का शिकार हो गया। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से वे इंसाफ़ के लिए कई राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों से मिले। लेकिन उन्हें अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब कोर्ट ने समन जारी किए हैं, लेकिन परिवार अभी भी इंसाफ़ का इंतज़ार कर रहा है।
सात-आठ साल बाद जगी इंसाफ की उम्मीद
धमाके में मारे गए रिपनदीप सिंह के पिता नछत्तर सिंह ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सात-आठ साल के लंबे इंतज़ार के बाद अब उन्हें उम्मीद जगी है कि उनके बच्चों को इंसाफ़ मिलेगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस जघन्य घटना के दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से इंसाफ़ के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब कोर्ट की ताज़ा कार्रवाई ने उन्हें नई उम्मीद दी है कि मौर मंडी बम धमाके के पीड़ितों को इंसाफ़ मिलेगा।
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