Punjab Roadways Strike Ends:
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई. यह हड़ताल पिछले पांच दिनों से चली थी. कर्मचारियों के ड्यूटी पर वापस आने पर अब रोडवेज और पनबस की बसें फिर से पंजाब की सड़कों पर घूमती दिखाई देंगी. इससे प्रभावित हो रहा आम जनजीवन कहीं ना कहीं दोबारा सुचारू ढंग से चलना शुरू हो जाएगा. आज दोपहर बाद तक सभी यूनियन के मुख्य अधिकारियों ने हड़ताल छोड़ दोबारा से ड्यूटी ज्वाइन करने का फैसला किया.
जेलों में बंद साथियों की रिहाई और नौकरी पर बहाली की थी मांग-
जालंधर में यूनियन के प्रधान चानन सिंह ने बताया कि यह संघर्ष कॉर्पोरेट की धक्केशाही के खिलाफ था और कर्मचारियों ने एकजुट होकर इसमें भाग लिया. हड़ताल के दौरान पुलिस ने कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया था और उन पर 307 जैसी संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए. वहीं दूसरी ओर, मैनेजमेंट की ओर से यह तानाशाही निर्देश जारी हुआ था कि धरना-प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई कर उन्हें नौकरी से निकाला जाएगा.
उन्होंने कहा कि धरना मुख्य रूप से जेलों में बंद साथियों की रिहाई और सभी कर्मचारियों को नौकरी पर बहाल करवाने की मांग को लेकर लगाया गया था. यूनियन नेताओं के मुताबिक, मैनेजमेंट ने इन मांगों पर सहमति जताई, जिसके बाद हड़ताल को समाप्त करने का निर्णय लिया गया. जिसके बाद से पांच दिन से डिपो में खड़ी लगभग 2000 बसें अब सड़कों पर दौड़ने लगी.



