External Affairs Responded Oil Import :
भारत सरकार ने वेनेजुएला और रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका के बयानों के बाद आज प्रतिक्रिया दी है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए व्यावसायिक संभावनाएं देखने को तैयार है। वेनज़ुएला भी शामिल है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
वेनज़ुएला कच्चे तेल का बड़ा स्रोत-
रणधीर जायसवाल ने कहा, ऑब्जेक्टिव मार्केट की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल को ध्यान में रखते हुए अपने एनर्जी सोर्स को डाइवर्सिफाई करना इसे सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। भारत के सभी फैसले इसी बात को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और लिए जाएंगे। विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बताया, ऊर्जा के क्षेत्र में वेनज़ुएला भारत का लंबे समय से साथी रहा है। वित्त वर्ष 2019–20 तक भारत के लिए वेनज़ुएला कच्चे तेल का बड़ा स्रोत था। लेकिन प्रतिबंधों के बाद यह बंद हो गया। वित्त वर्ष 2023–24 में वेनज़ुएला से आयात फिर शुरू हुआ, लेकिन प्रतिबंध दोबारा लगने के कारण फिर से रोक दिया गया।
रूस के बजाय अमेरिका से तेल ख़रीदेगा-
जायसवाल ने आगे बताया, भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) का वेनज़ुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी पीडीवीएसए के साथ साझेदारी रही है और वे 2008 से वहां मौजूद हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि भारत अब रूस के बजाय अमेरिका और वेनज़ुएला से तेल ख़रीदेगा। ट्रंप के दावे के बाद से ही इस मामले पर भारत की प्रतिक्रिया का इंतज़ार किया जा रहा था, जो अब सामने आ गई है।



