Makar Sankranti 2024: इस मकर संक्रांति जरुर करें ये 3 काम, चमक जाएगी किस्मत, होंगे बड़े फायदे

Makar Sankranti 2024: नए साल 2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी. मकर राशि में सूर्य के अगामन के समय को मकर सक्रांति…

Makar Sankranti 2024: नए साल 2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी. मकर राशि में सूर्य के अगामन के समय को मकर सक्रांति कहा गया है. इस राशि में सूर्य के आने से मलमास समाप्त हो जाता है. सूर्य देव जिस समय मकर राशि में प्रवेश करते हैं, उस समय ही मकर संक्रांति होती है. मकर संक्रांति के दिन शुभ मुहूर्त में पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए. 

मकर सक्रांति के दिन ही गंगा ने सगर के पुत्रों का उद्धार किया था और गंगा सागर में मिली थी. इस बार मकर संक्रांति पर बेहद शुभ योग का संयोग बन रहा है, मिली जानकारी के अनुसार इसमें स्नान-दान, पूजा, पाठ, जप, तप का साधक को दोगुना लाभ मिलेगा. मकर संक्रांति 2024 के शुभ योग, उपाय.

मकर संक्रांति 2024 शुभ योग (Makar Sankranti 2024 Shubh Yoga)

मकर संक्रांति पर इस बार रवि योग, मंगल और बुध धनु राशि में विराजमान होंगे, इनकी युति बेहद शुभ मानी जाती है.  इस युति के प्रभाव से जातक राजनीति , लेखन और प्रकाशन में बढ़िया नाम कमाता है. ऐसा व्यक्ति तकनीक का भी अच्छा जानकार होता है. ऐसे में मकर संक्रांति पर स्नान-दान से इसका विशेष लाभ मिलेगा.
रवि योग – सुबह 07.15 – सुबह 08.07 (रवि योग पर सूर्य का प्रभाव रहता है, ऐसे में इस दौरान अशुभ मुहूर्त का भी असर नहीं पड़ता. इस योग में सूर्य पूजा से सौभाग्य, मान सम्मान में वृद्धि होती है.

मकर संक्रांति पर जरुर करें ये उपाय  (Makar Sankranti Upay)

अर्घ्य की सही विधि – मकर संक्राति पर गंगाजल से स्नान करना विशेष फलदायी है, मान्यता है असाध्य रोग खत्म हो जाते है, व्यक्ति सालभर निरोगी रहता है. स्नान के बाद सूर्य देव के मंत्र ‘ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः’ का जाप करते सूर्य को जल चढ़ाएं. 3 बार उसी स्थान पर परिक्रमा करें. इससे करियर में तरक्की होती है.

शनि-सूर्य की चीजों का दान – मकर संक्रांति सूर्य और शनि यानी पिता-पुत्र के मिलन का दिन माना गया है. इस दिन सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबा, गुड़, तिल, लाल रंग के फूल, वस्त्र आदि का दान करें. वहीं शनि को प्रसन्न करने के लिए काले तिल का दान करें. ये उपाय आर्थिक संकट से बचाता है और शनि दोष दूर होता है.

तिल-गुड़ से करें ये काम – मकर संक्रांति पर गुड़ और तिल से बने लड्‌डू का भोग लगाएं और इन्हें अपनों में बांटकर खाने से रिश्तों में मिठास बढ़ती है. इस दिन पक्षियों को दाना खिलाना धन आगमन के रास्ते खोलता है.

मकर संक्रांति में सूर्य पूजा के बड़े फायदे
रवि योग के समय आप कोई कार्य करते हैं तो उसमें सफलता प्राप्ति की संभावना अधिक होती है. इस योग के कारण सभी दोष दूर होते हैं और कार्य सफल होते हैं.

रवि योग में सूर्य पूजा करने से आपके जीवन के कष्ट दूर होने लगेंगे. सूर्य कृपा से आपकी आयु और सेहत में वृद्धि होगी. रोगों से मुक्ति मिल सकती है.

सूर्य देव की पूजा रवि योग में करने से करियर में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होते हैं. मकर संक्रांति को आप सूर्य देव से जुड़ी वस्तुओं गुड़, लाल वस्त्र, घी, तांबा आदि का दान करें.

रवि योग के शुभ फल को पाने के लिए अहंकार से दूर रहें. माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों का अनादर न करें. नियम विरूद्ध कार्य न करें. अपने प्रभाव में वृद्धि के लिए सूर्य देव को पानी में लाल चंदन और लाल फूल डालकर अर्घ्य दें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *