Opposition PM Appeal:
एक साल तक सोना न ख़रीदने और खाने का तेल कम इस्तेमाल करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को की गई अपील के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने भारत में पेट्रोलियम पदार्थों के स्टॉक की जानकारी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना दौरे पर रविवार को सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान जंग को लेकर वैश्विक मुश्किलों की चर्चा की. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा?
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा, ‘हमारी रिफ़ाइनरियां बेहतर क्षमता पर काम कर रही हैं. पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, और घरेलू ज़रूरतों के लिए एलपीजी की सप्लाई लगातार जारी है.
Our refineries are operating at optimal levels. There is no dry-out reported at any retail outlet. LPG distributorships are also functioning smoothly, with no dry-out being reported. Sufficient stocks of petrol and diesel are available, and #LPG is being supplied for domestic… pic.twitter.com/IAQIKexIKo
— PIB India (@PIB_India) May 11, 2026
एलपीजी बंटने का काम भी सामान्य तौर से चला है. कहीं भी गैस ख़त्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है. घरेलू ज़रूरतों के लिए एलपीजी की सप्लाई भी जारी है. उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल को लेकर कहा कि देश में ‘पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध’ है.
आईजीओएम की बैठक में क्या हुआ?
इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोमवार को पश्चिम एशिया पर गठित अनौपचारिक मंत्रियों के समूह (आईजीओएम) की बैठक की. बैठक में क्षेत्र में जारी संघर्ष से जुड़े ताजा हालात की समीक्षा की गई.

आईजीओएम की बैठक में अधिकारियों ने कहा कि भारत सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है. लोगों को घबराकर ख़रीदारी करने की ज़रूरत नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक़, भारत की करीब 90 प्रतिशत ऊर्जा आयात ज़रूरतें प्रभावित क्षेत्र से पूरी होती हैं.
सरकार की तरफ़ से कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का मतलब किसी संभावित कमी की चेतावनी नहीं है. इसे ऊर्जा बचाने और वैश्विक अनिश्चितता के दौर में आर्थिक बोझ कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए. बैठक में कहा गया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और जरूरी सामान की कोई कमी नहीं है. भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस, जबकि 45 दिन का एलपीजी स्टॉक मौजूद है. बैठक में बताया कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में पेट्रोल की क़ीमतें स्थिर हैं, जबकि कई देशों में कीमतों में 30 से 70 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है. तेल कंपनियां नुक़सान उठाकर भी घरेलू उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं डाल रही हैं.
विपक्ष ने पीएम मोदी की आलोचना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर कहा कि, ये नाकामी का सबूत है, अब जनता को यह बताना पड़ रहा कि क्या ख़रीदें और क्या नहीं.
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या ख़रीदे, क्या न…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 11, 2026
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव ख़त्म होते ही संकट याद आ गया.
चुनाव ख़त्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया!
दरअसल देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ़ एक है और उसका नाम है : ‘भाजपा’
इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का… pic.twitter.com/2f8utdxbLR
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 11, 2026
आम आदमी पार्टी के मुख्य अरविंद केजरीवाल ने अर्थव्यवस्था को लेकर पीएम मोदी की अपील पर सवाल खड़े किए.
पीएम ने देश के सभी नागरिकों को खाने-पीने में कटौती करने की सलाह दी है, घूमने-फिरने और विदेश यात्राओं में कटौती करने की सलाह दी है, तथा सोना और अन्य कीमती चीज़ें खरीदने में भी कटौती करने की सलाह दी है।
क्या यह आर्थिक इमरजेंसी की आहट है? क्या देश भारी आर्थिक संकट में फँस गया है?… https://t.co/WDM25AfzR3
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 11, 2026
By- Anil Thakur
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