Delhi ED Raid:
प्रवर्तन निदेशालय के गुरुग्राम ज़ोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में दिल्ली के कई इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान ED Raid चलाया है. यह कार्रवाई 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक PMLA, 2002 के तहत की गई. जांच इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं व व्यक्तियों के खिलाफ की जा रही है, जो लंबे समय से अवैध गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे हैं.
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध उगाही, प्राइवेट फाइनेंसरों के साथ जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के जरिए धमकी देने और गैर-कानूनी गतिविधियों से कमीशन वसूली जैसे संगठित अपराधों में लिप्त थे. इन गतिविधियों के जरिए अर्जित काली कमाई को मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से वैध दिखाने की कोशिश की जा रही थी.
ED Raid 35 करोड़ रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज –
तलाशी अभियान के दौरान ईडी को बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है. अधिकारियों ने 6.24 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं. इसके अलावा करीब 17.4 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने भी बरामद किए गए हैं. जांच के दौरान लगभग 35 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जिन्हें ईडी ने जब्त कर लिया है.
मनी ट्रेल और अपराध से अर्जित संपत्तियों के नेटवर्क का खुलासा –
ईडी अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए डिजिटल डेटा और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि मनी ट्रेल और अपराध से अर्जित संपत्तियों के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके. एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और किन राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ है. प्रवर्तन निदेशालय ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां और बड़ी कार्रवाई हो सकती है. यह छापेमारी संगठित अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ ईडी की अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है.\



