लाहौल , 17 जुलाई
सीमा सडक संगठन 94 RCC के कडी मशक्क्त के चलते सैकडो मीटिक टन नकदी फसल करीब 14 पंचायतों के नकदी फसल जाहलमा नाले से होते हुए अपने गन्तव्य स्थान की ओर पहुंच रहा है। गत 26 मई को जाहलमा पुल के नजदीक भू स्खलन के चलते जाहलमा पुल क्षतिग्रस्त हो गया था । जिसके चलते पटटन घाटी के 14 पंचायतों के किसानों के नकदी फसल को मंडियों में पहुचाने के लिए वैकल्पिक सडक मार्ग की सख्त जरुरत महसूस होने लगी थी । जिसको देखते हुए सीमा सडक संगठन 94 RCC ने प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक मार्ग का कार्य शुरु किया और अब रोजाना 70 से 80 नकदी फसलों से लदे वाहन देश प्रदेश के मंडियों की ओर रवाना हो रहे है।
प्रधान ग्राम पंचायत ने बताया कि सीमा सडक संगठन लगातार वैकल्पिक मार्ग को सुचारु रखने के साथ साथ मुख्य पुल के निर्माण का कार्य भी युद्धस्तर पर कर रहा है। उन्होने बताया कि सीमा सडक संगठन ने आला अधिकारियों के मिली जानकारी के अनुसार मुख्य पुल का निर्माण कार्य अन्तिम चरण में पहुंच रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो दस बारह दिनों के भीतर वाहनों की आवाजाही शुरु कर दी जाएगा ।
लाहौल घाटी के लोगों के आय मुख्य स्त्रोत कृषि है। साल में एक बार ही फसल होने के कारण पूरा ध्यान जुलाई महीने के पैदा होने वाले नकदी फसल के उपर रहती है। ऐसे में तांदी तिन्दी किलाड सडक मार्ग को जोडने वाली एक मात्र जाहलमा पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण करीब 14 पंचायतों को किसानों की दिल की धडकन तेज हो गई थी । चिन्ता की मुख्य वजय सैकडो मीट्रिक टन नकदी फसल तैयार होने को थी ।बहारहाल जाहलमा नाले में बना वैकल्पिक सडक मार्ग 14 पंचायत के किसानों और आम लोगों के लिए कोई वरदान से नही है कम ।
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