PM Modi US Visit: पीएम नरेंद्र मोदी का अमेरिकी दौरे होगा सफल? इन मुद्दों पर बन सकती है बात

PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अमेरिका की तीन दिन की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं. जिसके बाद देर रात पीएम न्यूयॉर्क…

PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अमेरिका की तीन दिन की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं. जिसके बाद देर रात पीएम न्यूयॉर्क पहुंचेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन के न्योते पर अमेरिका पहुंचे पीएम मोदी, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे. पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि ये काफी अहम दौरा है. इसमें  दोनों  देशों के बीच कई स्तर पर बातचीत हो सकती है और रक्षा सौदों पर मुहर लग सकती है. आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से भारत को क्या उम्मीदें हैं.

जेट इंजन की डील
भारत और अमेरिका के बीच फाइटर जेट्स के इंजन को भारत में बनाने को लेकर एक अहम डील हुइ है ऐसा माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद काम शुरू हो सकता है.GE-F414 जेट इंजन का भारत में जल्द प्रोडक्शन शुरू हो सकता है, अमेरिका के साथ इस इंजन की 100 फीसदी टेक्नोलॉजी शेयर करने का समझौता हुआ था. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) के साथ मिलकर जनरल इलेक्ट्रिक भारत में इसका प्रोडक्शन करेगा. 

वीजा का वेटिंग टाइम होगा कम?
भारतीयों को सबसे ज्यादा मशक्कत अमेरिकी वीजा लेने के लिए करनी पड़ती है, जिसमें 600 दिनों तक का वक्त भी लग जाता है.कयास लगाए जा रहे  है कि   पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे में इस मुद्दे पर भी बात हो सकती है. इससे पहले कुछ अमेरिकी सांसदों की तरफ से भी इस मुद्दे को उठाया गया था और भारतीयों के लिए वीजा वेटिंग टाइम को कम करने की मांग की गई थी. यानी अगर इस बार  बात बनती है तो भारतीयों को अमेरिकी वीजा के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. 

दोनों देशों के बीच बढ़ेगा ट्रेड ?
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को बड़े स्तर पर लेकर जाने की भी इस दौरे में बात हो सकती है. उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिका भारत को इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फॉर प्रॉस्पेरिटी (IPEF) के तहत ट्रेड में शामिल होने के लिए कह सकता है. जिस पर प्रधानमंत्री मोदी मुहर लगा सकते हैं. 

इन मुद्दों पर भी चर्चा संभव
दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन,‘रक्षा औद्योगिक सहयोग का खाका’ पेश होने और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग के ठोस परिणाम सामने आने की भी उम्मीद है. दोनों नेता रूस यूक्रेन संघर्ष, हिन्द प्रशांत क्षेत्र की स्थिति, क्षेत्र में चीन के आक्रामक रुख सहित साझा हितों से जुड़े अन्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं.   

 

 

 

 

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