Ukraine Energy Emergency:
यूक्रेन ने देश के ऊर्जा क्षेत्र में आपात स्थिति घोषित (Ukraine Energy Emergency) की है. इसमें ख़ास तौर पर राजधानी कीएव पर ध्यान दिया गया है. रूस के लगातार हमलों के कारण यूक्रेन के हज़ारों लोग बिजली के बिना जीने को मजबूर हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाया कि वह युद्ध रणनीति के तहत जानबूझकर कड़ाके की सर्दी का फ़ायदा उठा रहा है.
Ukraine Energy Emergency, ऊर्जा ग्रिड को हमलों में भारी नुकसान-
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने 14-15 जनवरी 2026 को घोषणा की है. यह निर्णय रूस द्वारा यूक्रेन के बिजली और हीटिंग बुनियादी ढांचे पर किए गए भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद लिया गया है. भीषण सर्दियों के बीच रूसी हमलों ने ऊर्जा ग्रिड को भारी नुकसान पहुँचाया है. जिससे राजधानी कीव सहित कई शहरों में बिजली और हीटिंग की आपूर्ति बाधित हुई है. कीव में तापमान -19°C से -20°C तक गिर गया है.
ट्रंप ने युद्ध न रोकने के लिए ज़ेलेंस्की को बताया जिम्मेदार-
हाल के दिनों में कीएव में रात का तापमान लगभग माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है. यह आपात स्थिति ऐसे समय में घोषित की गई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज़ेलेंस्की को लेकर कहा है कि वह रूस के साथ लगभग चार साल से जारी युद्ध को ख़त्म करने के लिए शांति समझौता कराने की कोशिशों में बाधा डाल रहे हैं.
ट्रंप ने बुधवार को रॉयटर्स समाचार एजेंसी से कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तुलना में यूक्रेन “समझौता करने के लिए कम तैयार” है.
जब उनसे पूछा गया कि शांति वार्ताओं से अब तक संघर्ष का समाधान क्यों नहीं हो पाया है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “ज़ेलेंस्की”. उम्मीद है कि दोनों नेता अगले हफ़्ते स्विट्ज़रलैंड में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम में शामिल होंगे. हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया कि उनके बीच मुलाक़ात को लेकर कोई औपचारिक योजना तय नहीं हुई है.



