Haryana Congress Conflict
हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के उठा घमासान रूकता नज़र नहीं आ रहा है। सियासी चिंगारी अब बगावत में बदलती नजर आ रही है। कांग्रेस के क्रॉस वोटिंग में प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने चार विधायकों के नाम सार्वजनिक किए। पर पांचवें का नाम नहीं बताया। वंही दबंग विधायक कुलदीप वत्स ने पार्टी के भीतर बैठे ‘मठाधीशों’ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ताज़ा बयान ने आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत भी दे रहे हैं। इसके साथ कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने क्रॉस वोटिंग मामले में रतिया के विधायक जरनैल सिंह को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन पर एंटी पार्टी गतिविधियों में शामिल होने का (Haryana Congress Conflict) आरोप लगाया गया। अभी तक क्रॉस वोटिंग के मामले में चार विधायकों के नाम सामने आए हैं।
चार के ही बताए थे नाम
दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान बीके हरिप्रसाद ने कहा कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों में नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी, पुन्हाना से विधायक मोहम्मद इलियास, हथीन से विधायक मोहम्मद और साढ़ौरा से विधायक रेनू बाला ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को वोट डाला था। इन विधायकों को पहले अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा उसके बाद ही पार्टी कोई कार्रवाई करेगी।
Haryana Congress Conflict, कांग्रेस का भविष्य संकट में
वत्स ने साफ शब्दों में कहा कि अगर राहुल गांधी ने खुद को पार्टी से बड़ा समझने वाले नेताओं पर कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस का भविष्य संकट में पड़ सकता है। उनका यह बयान सीधे तौर पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को चुनौती देता नजर आता है। वत्स के तेवर इसलिए भी खास हैं क्योंकि उन्होंने खुलकर स्वीकार किया है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संपर्क में हैं। हालांकि उन्होंने इसे अपने क्षेत्र के विकास से जोड़कर बताया और सीएम सैनी को ‘राजा’ कहकर संबोधित किया। लेकिन राज्यसभा चुनाव से पहले सीएम का उनके घर जाना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
दिल्ली में बैठे किसी बड़े आका
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर कार्रवाई न होने से भी वत्स नाराज हैं। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि ये विधायक पैसे के लिए नहीं बिके, बल्कि इनके पीछे “दिल्ली में बैठे किसी बड़े आका” का हाथ है। यह बयान पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए वत्स ने दो टूक कहा-“मुझ पर कोई दबाव नहीं है, न ही कोई मुझे खरीद सकता है। मुझे खरीदने वाला कोई नोट आज तक छपा ही नहीं है।” उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि वे खुद को ‘ईमानदार और दबंग’ छवि में स्थापित करना चाहते हैं, जो किसी भी सियासी दबाव में झुकने को तैयार नहीं।
अन्य ख़बरें जानें-
Punjab Weather Today: बारिश से पंजाब में ठंड़क
अन्य अपड़ेट के लिए जुड़े रहिए LIVING INDIA NEWS के साथ 24/7 LIVE



