जनगणना 2027 का दूसरा चरण 17 अगस्त से शुरू , पहली बार दर्ज होगी जाति की जानकारी, पहाड़ी क्षेत्रों से होगी शुरुआत

दिल्ली, 4 अगस्त भारत सरकार ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण ‘जनसंख्या गणना‘ का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। यह चरण स्पेशली लद्दाख, जम्मू-कश्मीर,…

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दिल्ली, 4 अगस्त

भारत सरकार ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण जनसंख्या गणना का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। यह चरण स्पेशली लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी एवं दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया है, ताकि कठिन मौसम के बावजूद जनगणना का कार्य समय पर पूरा किया जा सके।

सरकार की अधिसूचना के अनुसार, 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक नागरिकों को ऑनलाइन स्वयं जानकारी भरने की सुविधा मिलेगी। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी, जबकि 1 से 5 अक्टूबर 2026 के बीच आंकड़ों का सत्यापन होगा। इन क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026 को रेफरेंस डेट तय की गई है।

जनसंख्या गणना के दौरान अधिकारियों द्वारा नागरिकों से नाम, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, भाषा, शिक्षा, रोजगार और अनुसूचित जाति (SC) तथा अनुसूचित जनजाति (ST) से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा पासपोर्ट धारकों से पासपोर्ट नंबर भी लिया जा सकता है।

इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 1931 के बाद पहली बार देशभर में जाति संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, व्यक्ति अपनी जाति स्वयं बताएगा और उसी के आधार पर उसे दर्ज किया जाएगा। जाति साबित करने के लिए किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र या दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। एससी और एसटी वर्ग के लिए राज्यवार सूची उपलब्ध होगी, जबकि अन्य जातियों को अलग कॉलम में दर्ज किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है कि दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की सटीक गणना सुनिश्चित हो और देश की जनसंख्या संबंधी जानकारी आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से तैयार की जा सके।

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