दिल्ली,26 अगस्त
देश के कई हिस्सों में H1N1 यानि कि स्वाइन फ्लू के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली, बेंगलुरू में खांसी, बुखार और सांस लेने संबंधी मामले में मरीजों की संख्य लगातार बढ़ रही है।अस्पतालों की OPD में दबाव बनता जा रहा है। स्वाइन फ्लू से संक्रमित ज्यादातर लोग सामान्य देखभाल और डाक्टरी सलाह से ठीक हो जाते हैं।हालांकि, छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू की जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है।
दिल्ली में बढ़े H1N1 के मामले
राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।राजधानी में अब तक H1N1 के 2,308 मामले सामने आए हैं।स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा हुआ है। अस्पतालों में लगातार बेड, दवाओं, ऑक्सीजन और जांच सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की जा रही है।राजधानी में इस समय डेंगू और मलेरिया के मामलों में भी तेजी आई है।
बेंगलुरु में भी बड़ी संख्या में मरीज
बेंगलुरु और कर्नाटक में भी H1N1 के मामले तेजी से बढ़े हैं। अब तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बेंगलुरु में 2,000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जबकि कर्नाटक में संक्रमितों की संख्या 4,200 के पार बताई जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञों की OPD में बुखार, गले में संक्रमण और सांस संबंधी परेशानी वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है।
राजस्थान में मंत्री स्वाइन फ्लू पॉजिटिव
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का H1N1 पॉजिटिव आया। उन्हें जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही हैं। संक्रमण से बचाव के लिए उनसे मिलने पर फिलहाल प्रतिबंध लगाया गया है।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, फ्लू जैसे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। खासकर हाई-रिस्क ग्रुप के लोगों में तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या हालत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।
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