केरल राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर अब ‘केरलम’ हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही सरकारी स्तर पर राज्य का नाम ‘केरलम’ हो गया है।
केरल राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया राज्य के विधानसभा के प्रस्ताव से शुरू हुई थी। विधानसभा में साल 2024 में प्रस्ताव पारित हुआ था , जिसके बाद केन्द्र सरकार से राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ रखने के लिए कानून बनाने का अनुरोध किया था।11 अगस्त 2026 में विधेयक को लोकसभा ने पारित कर दिया था और 12 अगस्त को राज्यसभा ने इसे मंजूरी दे दी।
संसद के दोनो सदनों में विधेयक मंजूर होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अगस्त में इसे मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद विधेयक कानून बन गया और इसका नाम केरल (नाम परिवर्तन) अधिनियम, 2026 रखा गया।कानून के तहत केरल राज्य को अब ‘केरलम’ राज्य के नाम से जाना जाएगा।
अब सरकारी दस्तावेजों में ‘केरलम’
केंद्र की अधिसूचना जारी होने के साथ नाम परिवर्तन की पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है। अधिनियम में राज्य के नाम से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। अब सरकारी स्तर पर दक्षिण भारत के इस राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरलम’ होगा।
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