Sonipat Advocate Attack Case:
सोनीपत में अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले से वकीलों में भारी रोष है। बार एसोसिएशन ने पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर एक दिन का वर्क सस्पेंड रखा। पीड़ित वकील अनिल आंतिल पर मारपीट और गाड़ी तोड़फोड़ मामले में बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। सोनीपत बार एसोसिएशन के (Sonipat Advocate Attack Case) उप प्रधान सोनू भारद्वाज ने अपने साथी अधिवक्ता अनिल आंतिल पर हुए जानलेवा हमले को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया है।
क्या है सारा मामला-
सोनू भारद्वाज ने बताया कि अधिवक्ता अनिल आंतिल सुबह अपने घर से कोर्ट जाने के लिए निकले थे। गली में सड़क के दोनों ओर सब्जी की रेहड़ियां लगी होने के कारण उनकी गाड़ी निकल नहीं पा रही थी। इसी दौरान वे स्वयं रेहडी हटाकर अपने कार्यालय चले गए और जब वापसी में गाड़ी खड़ी करने अपने घर पहुंचे तो स्थानीय लोगों से कहासुनी हो गई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। सोनू भारद्वाज ने बताया कि विवाद इतना बढ़ गया कि अधिवक्ता अनिल आंतिल पर हमला कर दिया गया। जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट आई है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में अब एक महिला की ओर से छेड़छाड़ के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से निराधार और झूठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिवक्ता अनिल आंतिल की उक्त महिला से कोई पहचान या संबंध नहीं है। इसके अलावा, फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिसमें अधिवक्ता को धमकी दिए जाने की बात सामने आ रही है।
Sonipat Advocate Attack Case, गलत धाराओं में एफआईआर-
उप प्रधान ने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए गलत धाराओं में एफआईआर दर्ज की है, जिससे अधिवक्ता समाज में भारी रोष है। इसी के विरोध में सोनीपत बार एसोसिएशन ने एक दिन का वर्क सस्पेंड रखने का निर्णय लिया है। वहीं पीड़ित अधिवक्ता अनिल आंतिल ने बताया कि वह सुबह कोर्ट जाने के लिए निकले थे, लेकिन सड़क पर रेहड़ियों के कारण रास्ता अवरुद्ध था। उन्होंने गाड़ी से उतरकर स्वयं रेहड़ी हटाई और कोर्ट चले गए। दिन में उनके पास अनजान नंबर से फोन आया और धमकी भरे लहजे में उनसे बात की गई।
पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग-
अधिवक्ता का आरोप है कि जब वह वापस लौटे तो महिला उसके पति और अन्य लोगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस दौरान उनके साथ जमकर मारपीट की गई और उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। अधिवक्ता अनिल आंतिल ने मांग की है कि इस पूरे मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि यदि अधिवक्ता सुरक्षित नहीं रहेंगे तो न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होंगे।



