First Vande Bharat Sleeper Train:
प्रधानमंत्री मोदी आज पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं और कोलकाता में वे मालदा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे. वहां से उन्होंने पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को (First Vande Bharat Sleeper Train:) हरी झंडी दिखाई. ये हावड़ा से कामाख्या तक 958 किलोमीटर लंबा 21 घंटे का रास्ता 14 घंटे में पूरा कर लेगी. यानी पश्चिम बंगाल से असम तक सफर का समय कम हो गया.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें विकसित भारत उदाहरण-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें विकसित भारत का सशक्त उदाहरण हैं. भारतीय रेलवे में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों को देखकर अब विदेशों से आने वाले लोग भी भारत की प्रगति पर वीडियो बना रहे हैं और इसकी सराहना कर रहे हैं. यह राज्य के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम है. देशभर में इस समय 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं.’
First Vande Bharat Sleeper Train, क्या होगा किराया और गति-
इस ट्रेन में कुल 16 कोच हैं. जिनमें 11 थर्ड AC, 4 सेकंड AC और 1 फर्स्ट AC कोच है. इस ट्रेन का स्पीड राजधानी एक्सप्रेस से भी तेज और किराया भी राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है. गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड AC का किराया करीब 2300 रुपये है. वहीं ट्रेन की नॉर्मल स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटा और मैक्सिमम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. पहले ट्रेनों में चेयरकार थीं, लेकिन अब स्लीपर सीटेंं भी होंगी.
अन्य सुविधांए-
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का इंटीरियर आधुनिक तकनीकों से युक्त है और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है. ट्रेन में डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी, UVS टेक्नोलॉजी है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करेगी. वंदे भारत स्लीर ट्रेन ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के साथ सुरक्षा के मामले में भी काफी एडवांस है. यह ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखेगा. इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट, मॉडर्न कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगे हैं. हाई क्वालिटी के कंबल, कवर और एडवांस्ड बेडरोल भी यात्रियों को दिए जाएंगे.



