Rahul Gandhi Defamation Case: मोदी सरनेम से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गुजरात हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने मानहानि के मामले में रोक लगाने से मना कर दिया है और राहुल गांधी की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है. गुजरात हाईकोर्ट का कहना है कि ट्रायल कोर्ट का दोषी ठहराने का आदेश उचित है, उक्त आदेश में हस्तक्षेप करने की कोई जरूरत नहीं है, इसलिए आवेदन खारिज किया जाता है. कोर्ट ने आगे कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ कम से कम 10 आपराधिक मामले लंबित हैं.
हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका खारिज करते वक्त क्या कहा?
हाईकोर्ट के जज जस्टिस हेमंत पृच्छक की बेंच याचिका खारिज करते हुए कहा,राहुल गांधी बिल्कुल अस्हा अस्तित्वहीन आधार पर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.
निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा पर रोक लगाना कोई नियम नहीं है, बल्कि एक अपवाद है, जिसका सहारा दुर्लभ मामलों में लिया जाना चाहिए.’
1.आवेदक के खिलाफ लगभग 10 आपराधिक मामले लंबित हैं
2.’यहां तक कि इस शिकायत के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एक और शिकायत वीर सावरकर के पोते ने दर्ज कराई.’
3.’सजा पर रोक न लगाना राहुल गांधी के साथ अन्याय नहीं होगा.’
4. दोषसिद्धि पर रोक लगाने का कोई उचित आधार नहीं दिया गया.’
5.सेशन कोर्ट का आदेश न्यायसंगत एवं उचित है.’
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी अब 2024 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे और न ही संसद सदस्य (सांसद) के रूप में अपनी स्थिति के निलंबन को रद्द करने की मांग नहीं कर पाएंगे. वह हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं. राहुल की लोकसभा सदस्यता पहले ही जा चुकी है. राहुल गांधी की याचिका पर हाईकोर्ट ने पहले कर करते हुए कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि वह ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अंतिम आदेश पारित करेंगे.



