Punjab News: शनिवार को पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. कैबिनेट की बैठक में हाल ही में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए 15 अगस्त तक विशेष भूमि सर्वेक्षण (गिरदावरी) को मंजूरी दी. जबकि राज्य सरकार ने 1500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया. पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और बड़े पैमाने पर आवासीय और कृषि क्षेत्र जलमग्न हो गए.
केंद्र से 1500 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
कैबिनेट बैठक के बाद पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियन ने कहा कि बाढ़ के कारण राज्य को अनुमानित 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन सटीक राशि का अभी तक पता नहीं चल पाया है. बाढ़ से करीब 6 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है. पंजाब सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान के आधार पर केंद्र सरकार से 1500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है. कई इलाकों में पानी जमा होने के कारण विशेष गिरदावरी के आदेश दिये गये हैं.
15 साल पुराने वाहनों पर टैक्स पर ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया गया है
कैबिनेट बैठक में सरकार ने 15 साल पुराने वाहनों पर टैक्स पर ब्याज और जुर्माना माफ करने का फैसला किया है. इसके अलावा 386 गौशालाओं का बकाया बिजली बिल माफ कर दिया गया है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछले कई दिनों से बिजली बिलों को समायोजित या माफ करने की मांग की जा रही थी, जिसके मद्देनजर यह फैसला लिया गया है.
घर बैठे आटा और गेहूं मिल जाएगा
कैबिनेट बैठक में बताया गया कि लाभार्थियों को घर-घर आटा और गेहूं उपलब्ध कराने के लिए मॉडल उचित मूल्य की दुकानों की अवधारणा को मंजूरी दे दी गई है. डिपुओं में आटा व गेहूं वितरण की संशोधित योजना को मंजूरी दे दी गई है. राशन डिपो धारकों ने लाभार्थियों के घर तक राशन पहुंचाने की अनुमति दे दी है.



