पलवल, 13 अगस्त
पलवल में नगर परिषद कर्मचारियों का गुस्सा सातवें दिन भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सरकार उनके साथ वादाखिलाफी कर रही है। कर्मचारी संगठन अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। हड़ताल का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी नेता विजय बैनीवाल ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ‘समान काम-समान वेतन’ देना और ठेका प्रथा को पूरी तरह खत्म करना उनकी प्राथमिक मांगें हैं।
विजय बैनीवाल के मुताबिक, 22 सूत्रीय मांग पत्र में से सरकार ने 17 मांगों को स्वीकार कर लिया था और 13 मई को इसको लेकर समझौता भी हुआ था। लेकिन लंबे समय के बाद भी जब इस समझौते को लागू नहीं किया गया, तो
कर्मचारियों को मजबूरन हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि 13 मई के समझौते के तहत जब तक उनकी मांगों का आधिकारिक नोटिफिकेशन लागू नहीं होता, तब तक नगर परिषद पलवल के कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे और हड़ताल इसी तरह जारी रहेगी।
सात दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण अब शहर में सफाई व्यवस्था और नगर परिषद से जुड़े कामकाज प्रभावित होने लगे हैं। देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए क्या रुख अपनाती है।
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