लुधियाना में मातृ मृत्यु दर घटाने के लिए ‘मिशन जीवनी’ की शुरुआत, डिप्टी कमिश्नर ने दिए सख्त निर्देश

लुधियाना, 13 अगस्त लुधियाना में मातृ मृत्यु दर (MMR) को और कम करने और गर्भावस्था के दौरान होने वाली मौतों को पूरी तरह से रोकने…

लुधियाना

लुधियाना, 13 अगस्त

लुधियाना में मातृ मृत्यु दर (MMR) को और कम करने और गर्भावस्था के दौरान होने वाली मौतों को पूरी तरह से रोकने के मकसद से मिशन जीवनी (JEEVNI) के तहत चार महीने के एक विशेष गहन अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन (IAS), अपर डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) नरिंदर सिंह, सिविल सर्जन डॉ. हरिंदर सूद, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. वरुण सग्गर औऱ लुधियाना के अन्य निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम के प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में MPHW और आशा वर्कर उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने जोर देकर कहा कि मिशन जीवनी का मुख्य उद्देश्य माताओं की कीमती जान बचाना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों, मेडिकल विशेषज्ञों, फ़ील्ड स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और रेफरल सुविधाओं से आपसी तालमेल के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देरी, रेफरल की कमी, तैयारी की कमी या जरूरी संसाधनों की कमी के कारण किसी भी मां की मौत नहीं होनी चाहिए।

डिप्टी कमिश्नर ने निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से विशेष रूप से निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने की अपील की है। हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP), उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का इलाज ऐसे अस्पतालों में न किया जाए, जहां जरूरी सुविधाएं उपलब्ध न हों। ऐसे मामलों को बिना किसी देरी के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाए।

निजी अस्पतालों से अनुरोध किया गया कि वे मिशन जीवनी में अपना योगदान देते हुए कम से कम एक जरूरतमंद (गरीब) मरीज का मुफ्त इलाज करें। गर्भवती महिला के अस्पताल पहुंचते ही उसकी तुरंत जांच और इलाज शुरू किया जाए, ताकि किसी भी तरह की देरी से बचा जा सके। हाई-रिस्क मरीजों के लिए रक्त और ब्लड कंपोनेंट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खून की कमी के कारण किसी की जान न जाए।

यदि अस्पताल के पास आवश्यक सुविधाएं या विशेषज्ञ डॉक्टर न हों, तो हाई-रिस्क मामलों को तुरंत विशेषज्ञ अस्पतालों में भेजने में झिझक न की जाए। डिप्टी कमिश्नर ने सभी प्रतिनिधियों से निजी अस्पतालों में होने वाली लापरवाही या गलत तरीकों पर नजर रखने के लिए भी कहा, जिससे गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को खतरा हो। ऐसी किसी भी बात को ज़िला प्रशासन के ध्यान में लाया जा सकता है ताकि नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सके।

डिप्टी कमिश्नर ने दोहराया कि इमरजेंसी के समय हर एक मिनट कीमती होता है। उन्होंने सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया ताकि लुधियाना ज़िले में एक भी मां की मौत न हो।”मिशन जीवनी का एक ही मकसद है-जान बचाना। अस्पताल पहुंचने वाली हर गर्भवती महिला को समय पर, सही और सुरक्षित इलाज मिलना चाहिए।”

 अन्य खबरें जानें –

‘ਹਮਾਰੇ ਰਾਮ’ ਨਾਟਕ ਦੀ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੀ ਸ਼ਲਾਘਾ, ਹੁਣੇ ਬੁੱਕ ਕਰੋ ਆਪਣੀਆਂ ਮੁਫ਼ਤ ਟਿਕਟਾਂ-ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *