रेवाड़ी 5 जुलाई
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) 2026 के पहले ही दिन रेवाड़ी में बोर्ड की बड़ी लापरवाही सामने आई। दिल्ली रोड स्थित सूरज स्कूल परीक्षा केंद्र के एक कक्षा में बैठे अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र वितरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन अभ्यर्थियों ने परीक्षा देने से भी साफ इनकार कर दिया।
हंगामे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में रेवाड़ी के उपायुक्त और बोर्ड के अधिकारी परीक्षा केंद्र पहुंचे। शिकायतों का समाधान करने और अभ्यर्थियों को आश्वस्त करने के बाद ही परीक्षा शुरू हो सकी। अभ्यर्थियों का आरोप था कि उन्हें दिए गए प्रश्नपत्र सीलबंद नहीं थे। इसके अलावा OMR शीट और प्रश्नपत्र के सीरियल नंबर का मिलान नहीं हो रहा था। प्रश्नपत्र वितरण में हुई इन गंभीर गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए परीक्षा देने से मना कर दिया।स्थिति को सामान्य करने में करीब दो घंटे लग गए। निर्धारित समय दोपहर 3 बजे शुरू होने वाली परीक्षा काफी देर बाद शुरू हो सकी। देर से परीक्षा शुरू होने के कारण करीब 22 अभ्यर्थी रात 8 बजे तक परीक्षा देते रहे।
शनिवार को आयोजित पीजीटी (लेवल-3) परीक्षा में जिले के विभिन्न केंद्रों पर कुल 4455 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 690 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। हालांकि अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही, लेकिन सूरज स्कूल केंद्र पर हुई गड़बड़ी ने बोर्ड की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस मामले पर उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि प्रश्नपत्र वितरण में तकनीकी त्रुटि के कारण ऐसी स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्या केवल रेवाड़ी ही नहीं बल्कि हरियाणा के कुछ अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी सामने आई। शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा बाद में शुरू कराई गई।
वहीं, अभ्यर्थियों ने सरकार और शिक्षा बोर्ड की परीक्षा प्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उनका कहना था कि कभी पेपर लीक, कभी परीक्षा रद्द और अब प्रश्नपत्र वितरण में इतनी बड़ी गड़बड़ी, इन सबका सबसे बड़ा नुकसान मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि ऐसी लापरवाहियां युवाओं के भविष्य और उनके सपनों के साथ खिलवाड़ हैं। उनका सवाल था कि यदि परीक्षा प्रक्रिया ही पारदर्शी और व्यवस्थित नहीं होगी तो युवाओं का भरोसा आखिर किस पर कायम रहेगा ?
अन्य खबरें जाने



