कोटकपूरा में बेअदबी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के समर्थन में भारी जनसमूह उमड़ा

कोटकपूरा/फरीदकोट, 7 मई: साल 2016 में बेअदबी और निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के बाद भयावह घटनाओं की गवाह बनी इस धरती पर शुक्राना यात्रा के…

Sea of humanity gave rousing reception to the Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann during his Shukrana Yatra

कोटकपूरा/फरीदकोट, 7 मई: साल 2016 में बेअदबी और निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के बाद भयावह घटनाओं की गवाह बनी इस धरती पर शुक्राना यात्रा के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का भारी जनसमूह ने जोरदार स्वागत किया।

बेअदबी विरोधी कानून पारित करने के लिए धन्यवाद देने हेतु एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें जानबूझकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़े बेअदबी मामलों में न्याय देने में विफल रहीं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में इरादे और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, जबकि वर्तमान सरकार ने दोषियों को सजा दिलाने और सिख धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए सख्त कानूनी उपाय लागू किए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है ताकि भविष्य में कोई भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने की हिम्मत न कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के पास ऐसा कानून लाने के पर्याप्त अवसर थे, लेकिन “अस्पष्ट इरादों” और बेअदबी की घटनाओं के जिम्मेदार लोगों को बचाने की कथित कोशिशों के कारण वे ऐसा करने में असफल रहीं। उन्होंने टिप्पणी की कि पहले कई मामलों में आरोपी मानसिक संतुलन ठीक न होने का बहाना बनाकर सजा से बच जाते थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नए कानून में यह प्रावधान किया गया है कि यदि राज्य में कोई बेअदबी होती है तो ऐसे व्यक्तियों के संरक्षकों पर भी मुकदमा चलाया जाएगा।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट 2026 लागू कर मानवता की सेवा करने का अवसर प्रदान किया है, जिसमें बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान है। उन्होंने लोगों से गांवों में जाकर जनता को जागरूक करने की अपील की कि अब जो भी इस घिनौने अपराध में शामिल पाया जाएगा, उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले शासकों का बेअदबी रोकने के लिए कानून बनाने का न तो इरादा था और न ही इच्छाशक्ति, जिसके कारण उनके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक नियमित घटना बन गई थी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा पारित किया गया कानून इस प्रवृत्ति को समाप्त कर देगा क्योंकि अब कोई भी इस अक्षम्य अपराध में शामिल होने की हिम्मत नहीं करेगा। अकालियों की निंदा करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने राज्यभर में बेअदबी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए निर्दोष लोगों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा कि यह धरती अकालियों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और सिख पंथ के प्रति दिखाई गई धक्केशाही और घोर निरादर की हमेशा गवाह रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बेअदबी की घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सिख मूल्यों और जनभावनाओं के प्रति पूरी तरह समर्पित है और यह धरती उन घटनाओं की गवाह है, जिन्होंने पूरी सिख संगत की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई थी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने अब यह कानून इसलिए बनाया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली अकाली और कांग्रेस सरकारों पर आम लोगों की भलाई की अनदेखी कर भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार समाज के हर वर्ग के लिए ईमानदारी और जवाबदेही के साथ काम कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने हर क्षेत्र में लीक से हटकर पहलें की हैं, जिनसे व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करदाताओं का पैसा जनता की भलाई पर समझदारी से खर्च किया जा रहा है और यह विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के रूप में लोगों तक वापस पहुंच रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार अब जनता के लिए काम कर रही है और 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, भ्रष्टाचार रहित 65,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें, टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत तथा बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में सिंचाई के लिए केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज 68 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और आगामी धान सीजन तक इसे 85 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पूरे राज्य में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें और रजवाहे बनाए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन पाइपलाइनों और रजवाहों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है ताकि किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा कर उन्हें बड़ा लाभ पहुंचाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी दो भाखड़ा नहरों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पानी के बराबर है और इससे किसानों को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि नहरों और दरियाओं में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिससे जलस्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फैसला आने वाली पीढ़ियों की भलाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है क्योंकि पानी के बिना राज्य का कोई अस्तित्व नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने “मांवां-धीयां सत्कार योजना” शुरू की है, जिसके तहत प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी पात्र होंगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की गई है, जिसके तहत राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और लोगों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

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