International Yoga Day 2023: हर साल कि तरह इस साल भी 21 जून को पूरी दुनिया में ‘योग दिवस’ (Yoga Day) मनाया जाएगा. इस इंटरनैशनल योग दिवस के मौके पर हम डायबिटीज और बीपी के मरीज के लिए कुछ खास योग आसान लाए हैं . इन योग आसन की मदद से आप डायबिटीज और बीपी को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं. यह आपके शरीर में लचीलापन रखने के साथ-साथ मांसपेशियों में ताकत और बॉडी टोन करने के लिए भी फायदेमंद है. योग आपके जीवन में एक नई उर्जा प्रदान करता है. धीरे-धीरे लोग योग की ताकत को समझ रहे हैं और इससे ज्यादा से ज्यागा लोग जुड़ रहे हैं.
डायबिटीज या बीपी के मरीज हैं तो जरूर करें यह योग आसन
1. कपालभाति
इसे करने का तरीका
लंबी सांस लें और फिर सांस छोड़ें. अपने पेट का इस्तेमाल करते हुए डायाफ्राम और फेफड़ों पर जोड़ डालें ताकि उसमें से हवा बाहर निकलें. जब आप हवा निकलाने के लिए पेट पर दबाव डालते हैं तो सांस अपने आप बाहर निकलने लगती है. यह प्रकिया आप 3 मिनट तक करें.
इसे करने के फायदे
कपालभाति करने के यह फायदे हैं कि यह आपके पाचन तंत्र से लेकर सांस लेने के तंत्र में सुधार करता है. यह काफी हद तक वजन घटाने और मासपेशियों को टोनिंग में मददगार है. यह आपकी एकाग्रता बढ़ाने में भी फायदेमंद है.
किन लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए
हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, दिल की बीमारी, पीठ से जुड़ी समस्याएं वाले लोग इस आसान को करने से बचें.
2. मांडुका आसन
कैसे करें मांडुका आसन
अपने घुटनों को मोड़ें और उसे अपने पेल्विक के ऊपर रखें और वज्रासन अवस्था में बैठ जाएं. फिर अपनी दोनों हाथों को सामने रखें. फिर अपने हाथ के अंगूठे और बाकी अंगुलियों को ऊपर की तरफ रखें. फिर अपने हाथ की कोहनी को रखें. अपने पूरे शरीर को बॉल का आकार दें. फिर अपनी गर्दन को आगे की तरफ रखते हुए एकदम सीधा देखें.
मांडुका आसन के फायदे
यह आसन आपके पेट के लिए एकदम अच्छा है. यह कह सकते हैं कि यह एक तरह से पेट की मालिश करता है. आपको कब्ज और पाचन संबंधी बीमारियों से छुटकारा दिलाता है. पेट की गैस को भी दूर करता है. यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एकदम दवा की तरह काम करता है. यह शरीर को रिलैक्स रखता है और घबराहट को कम करता है.
किन लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए
प्रेग्नेंट महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए. इससे पैरों में दर्द हो सकता है. और जिन लोगों को घुटनें में सर्जरी हुई है उन्हें भी यह आसन करने से बचना चाहिए. अल्सर वाले को भी यह आसन करने से बचना चाहिए.
3. हलासन आसन
इसे करने का तरीका
जमीन पर पीठ के बल ले जाएं और फिर अपने दोनों हाथों को अपने शरीर के पास रख लें. अपने पेट की मांसपेशियों का उपयोग करते हुए अपने पैरों को 90 डिग्री की ऊंचाई पर उठाएं, हाथों को अपने शरीर से सटा ही रखें और फिर फिर अपने पैरों को अपने सिर के पीछ ले जाने की कोशिश करें. अपनी पीठ के निचले हिस्से को ऊपर उठाएं. फिर पैर की उंगलियों को फर्श को छूने की कोशिश करें. एक बात का ध्यान रखें पैरों को उठाते वक्त जोड़ का सांस ले और फिर सांस छोड़ें.
हलासन करने के फायदें
इससे पेट की परेशानी और कब्जी की समस्या दूर होती है और शरीर का फैट भी कम होता है.यह हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है.जिन महिलाओं को पीरियड्स में ज्यादा दर्द होता है उनके लिए यह दवा की तरह काम करता है और स्किन के लिए फायदेमंद है.
किन लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए
जो लोग पीठ की समस्या या स्लिप डिस्क से पीड़ित हैं उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए.महिलाओं या मासिक धर्म के समय महिलाओं को हलासन से बचना चाहिए.बढ़े हुए थायराइड, प्लीहा और लीवर वाले लोगों को इस योग मुद्रा से बचना चाहिए क्योंकि इस मुद्रा के दौरान पेट के निचले हिस्से पर बहुत दबाव पड़ता है.



