चरखी दादरी , 17 जुलाई
चरखी दादरी को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर परिषद का विशेष अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह करीब 10 बजे भारी पुलिस बल के साथ शुरू कार्रवाई देर शाम 7 बजे तक चलती रही। इस दौरान महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बने अवैध मकानों और अन्य निर्माणों को जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया। अपने आशियानों को बिखरते देख परिवारों का दर्द फूट पड़ा। सपनों के घरों को मिट्टी में मिलता देख महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। वहीं एक महिला इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकी और बेहोश होकर जमीन पर गिर गई जिसे परिजनों ने संभाला।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि ये सब विधायक का किया धरा है। विधायक खुद अपनी सरकार चलाते है, हमारे पास कोई नोटिस नहीं आया ओर ना ही सरकार का कोई आदेश आया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कब्जे होने के कारण विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे थे।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने लोगों को पहले समझाने का प्रयास किया जिससे विरोध तो देखने को नहीं मिला लेकिन माहौल बेहद गमगीन और तनावपूर्ण रहा। बेघर होने की कगार पर पहुंचे लोग कार्रवाई से पहले ही रोते-बिलखते अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद जेसीबी ने एक-एक कर अवैध निर्माणों को मलबे के ढेर में बदल दिया। साथ ही कई घरों का सामान भी तहस नहस कर दिया।
अभियान के दौरान प्रशासन ने कई स्थानों पर अवैध कब्जों को हटाया। कार्रवाई के चलते आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ लगी रही जबकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी।पूरे अभियान की निगरानी सिंचाई विभाग के एसडीओ अमित कुमार ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में की।
नगर परिषद के एमई सहित 10 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सार्वजनिक भूमि, ग्रीन बेल्ट और विकास कार्यों में बाधा बने अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन स्थानों पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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