Himachal Cabinet at Delhi:
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य के कैबिनेट मंत्रियों की शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य तौर पर रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के कारण हिमाचल के सेब उद्योग पर मंडरा रहे संकट को लेकर लंबी चर्चा की गई।

हाईकमान के साथ हुई मीटिंग में (Himachal Cabinet at Delhi) हिमाचल में एक बड़ी रैली का फैसला हुआ है। इसमें RDG, FTA के नुकसान और मनरेगा को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस रैली में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी विशेष तौर पर उपस्थित रहेंगे।
RDG की बहाली की की PM से मांग-
हाईकमान के साथ मीटिंग में चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अपने स्तर पर भी RDG की बहाली की लड़ाई जारी रखेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इसे बहाल करने की मांग करेगी। इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान भी इस मुद्दे को लोकसभा में उठाकर पहाड़ी राज्य हिमाचल के हक की पैरवी करेगा, क्योंकि RDG के बिना राज्य को आर्थिक मोर्चे पर परेशानियां बढ़ने की आशंका है।
कांग्रेस शासित राज्यों की फंडिंग रोकी-
मीटिंग का बाद डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र का रवैया राज्यों को कमजोर करने का है। कांग्रेस शासित राज्यों की फंडिंग रोकी जा रही है। हिमाचल को मिलने वाले RDG को बिना किसी पूर्व सूचना के रोका गया है। हिमाचल को हर साल दस हज़ार करोड़ का नुकसान होने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश जब बना था तब भी पता था कि यह फाइनेंशियल वायबल राज्य नहीं है।

उन्होंने कहा- राज्य के अस्तित्व को थ्रेट किया जा रहा है। हर चीज दिल्ली से तय की जा रही है जो गलत है।आरडीजी हिमाचल का हक है। इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। जरूरत पड़ी तो कैबिनेट इसको लेकर संसद का घेराव भी करेगी व जंतर मंतर के बाहर धरना भी दिया जाएगा।



