Haryana Winter Session: हरियायाणा विधानसभा के तीसरे दिन पूर्व विधायकों के लिए तोहफाः वेतन, भत्ता और पेंशन में होगी बढ़ेतरी, विधेयक पारित

Haryana Assembly Winter Session: हरियाणा विधानसभा के विंटर सेशन का सोमवार को तीसरा दिन है. (Haryana Winter Session) शीतकालीन सत्र में पूर्व विधायकों के हित…

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हरियाणा विधानसभा के विंटर सेशन का सोमवार को तीसरा दिन है. (Haryana Winter Session) शीतकालीन सत्र में पूर्व विधायकों के हित में बड़ा फैसला लिया गया. सदन में हरियाणा विधानसभा (वेतन, भत्ता और पेंशन) संशोधन विधेयक, 2025 पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इसके अलावा कांग्रेस विधायक इंदूराज नरवाल के खिलाफ लाए गए विशेषाधिकार प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया गया.

राज्य के 550 पूर्व विधायकों को मिलेगा लाभ-

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रस्ताव को सदन में रखते हुए बताया कि इस संशोधन से राज्य के लगभग 550 पूर्व विधायकों को सीधा लाभ मिलेगा. विधेयक के तहत पूर्व Haryana Winter Session विधायकों की पेंशन, महंगाई राहत और विशेष यात्रा भत्ते पर लगी एक लाख रुपये की अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया गया है. नए प्रावधानों के अनुसार अब पूर्व विधायक यात्रा भत्ते के रूप में हर महीने 10 हजार रुपये तक प्राप्त कर सकेंगे. सरकार का मानना है कि यह निर्णय पूर्व जनप्रतिनिधियों को आर्थिक सहारा प्रदान करेगा.

कांग्रेस विधायक के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव-

सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने बताया कि जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट स्वास्थ्य कारणों से सत्र में उपस्थित नहीं हो सकीं. उन्होंने ई-मेल के जरिए अपनी अस्वस्थता की सूचना दी. शून्यकाल में भाजपा विधायक शक्ति रानी शर्मा द्वारा कांग्रेस विधायक इंदूराज नरवाल के खिलाफ लाए गए विशेषाधिकार प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया गया.

मनरेगा और सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया-

कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा के प्रश्नकाल में मनरेगा और सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण गरीबों, विशेषकर एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के मेहनतकशों का रोजगार छीना जा रहा है. सुरजेवाला ने सदन में कहा कि मनरेगा, जिसे यूपीए सरकार ने गरीबों के लिए ‘रोजगार के अधिकार’ के रूप में शुरू किया था, आज उसकी दिन-दहाड़े हत्या की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में करीब आठ लाख मजदूर मनरेगा में पंजीकृत हैं, लेकिन महज दो हजार परिवारों को ही पूरे 100 दिन का काम मिल पाया.

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