Punjab Navjot Kaur Sidhu:
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू फतेहगढ़ साहिब के खमाणों में संत रामपाल के आश्रम में एक कार्यक्रम में (Punjab Navjot Kaur Sidhu) शामिल होने पहुंची। नवजोत ने कहा कि वह बचपन से ही तीन-चार साल से संतों के सानिध्य में रही हैं। नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वह राजनीति छोड़कर संतों की सेवा में शामिल होने के बारे में सोच रही हैं। अब राजनीति पहले जैसी नहीं रही और राजनीतिक लोग अपनी पहचान भूल गए हैं।
भक्ति पर ध्यान –
नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि अब वह जितना हो सके भक्ति पर ध्यान देने आ रही हैं क्योंकि उन्होंने कैंसर पर जीत हासिल करने के बाद कलियुग में सतयुग देखा है, इससे ज्यादा वह कुछ नहीं कह सकतीं। नवजोत ने कहा कि वह बचपन से ही तीन-चार साल से संतों के सानिध्य में रही हैं। वह संतों से प्रेरणा लेकर ही सेवा करती हैं, चाहे वह मेडिकल लेवल पर हो या राजनीतिक लेवल पर। नवजोत ने कहा कि उनके साथ-साथ उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू ने भी अपना पूरा शरीर दान कर दिया है ताकि मरने के बाद उनके अंग किसी के काम आ सकें।
दहेज के शादी की बधाई-
खमाणों के आश्रम में सात लड़कियों को बिना दहेज के शादी की बधाई देते हुए नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि उनकी अपनी शादी भी इसी तरह हुई थी और उनके बच्चों की शादी भी इसी तरह बिना दहेज के सादे तरीके से हुई थी।
नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि सबसे बड़ी सेवा लड़कियों का दान है और वह खुद करीब 100 जरूरतमंद लड़कियों को इकट्ठा करके उनकी शादी करवाती रहती हैं।
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