भिवानी, 22 जुलाई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर हुए आंदोलन की गूंज अब भिवानी तक पहुंच गई है। भिवानी में पहली बार CJP और छात्र-छात्राओं के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।भिवानी के चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल पार्क में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा एकत्रित हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग रहा है। उनका आरोप है कि मेहनत से परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल टूट रहा है और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व उन छात्र-छात्राओं ने किया जो हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में शामिल हुए थे। छात्रों ने वहां हुए पुलिस लाठीचार्ज और प्रदर्शन के दौरान अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन आंदोलनकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि जब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक युवाओं का सरकार और भर्ती प्रक्रियाओं पर भरोसा बहाल नहीं हो सकता। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब हरियाणा के भिवानी तक पहुंच चुका है। छात्रों का कहना है कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है और वे पेपर लीक के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
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