शिमला, 22 जुलाई
दिल्ली में सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस का देशव्यापी विरोध जारी है। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को शिमला स्थित लोकभवन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने की। इस दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनके कैबिनेट सहयोगियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि धरना प्रदर्शन लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इसी माध्यम से जनता अपनी आवाज़ सरकार तक पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी के साथ हुआ कथित अभद्र व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार चुप्पी साध रही है और जब छात्र अपनी आवाज़ उठाने पहुंचे तो उन पर लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि सोनम वांगचुक और अन्य छात्रों पर दर्ज FIR वापस ली जानी चाहिए तथा पूरे मामले का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर लगातार मुखर रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनता की आवाज़ को इसी तरह दबाने का प्रयास जारी रहा तो कांग्रेस आने वाले समय में और बड़े आंदोलन करेगी।
अन्य खबरें जानें –

