Ludhiana Trial Against Five Police
लुधियाना में पुलिस हिरासत में हुई रिकवरी एजेंट की मौत पर अदालत ने सख्त रुख आपनाया है। रिकवरी एजेंट दीपक शुक्ला की मौत के मामले में अदालत ने तत्कालीन महिला एसएचओ समेत चार पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस चलाने का आदेश दिया है। इस छह साल पुराने इस मामले में कोर्ट के फैसले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला फरवरी 2020 का है। वाहन चोरी के शक में दीपक शुक्ला और उसकी पत्नी प्रीति को पुलिस ने घर से उठाया। आरोप है कि पुलिस ने रिहाई के लिए सवा लाख रुपये की मांग की। परिवार पूरी रकम नहीं दे सका तो 25 हजार रुपये लेकर प्रीति को छोड़ दिया पर दीपक पर केस दर्ज कर हिरासत में रखा।
परिजनों के अनुसार, हिरासत में उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई और 26 फरवरी 2020 की रात उसकी मौत हो गई। जगराओं की एसएमओ डॉ. गुरबिंदर कौर की गवाही में सामने आया कि दीपक के शरीर पर गंभीर चोटों के सात निशान थे, जिन्होंने उसके अंगों को नुकसान पहुंचाया। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। अदालत ने तत्कालीन एसएचओ ऋचा शर्मा, एएसआई जसकरण सिंह, एएसआई चरणजीत सिंह और कांस्टेबल जुगनू के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोप तय कर स्पष्ट किया है कि वर्दी की आड़ में अपराध बर्दाश्त नहीं होंगे।
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