रणनीतिक समझौते के तहत एमएसएमई को उनके निकट गुणवत्ता परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराने हेतु राज्यभर में सैंपल सेंटर तथा जालंधर में परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी: अमन अरोड़ा

चंडीगढ़, 16 जून: राज्य में कौशल विकास, रोजगार के अवसरों और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने…

Punjab FDDI Agreement

चंडीगढ़, 16 जून:

राज्य में कौशल विकास, रोजगार के अवसरों और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने राष्ट्रीय स्तर की केंद्रीय संस्था फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) के साथ एक रणनीतिक समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते से राज्य में खेल सामग्री, जूते और चमड़े के सामान के निर्माण क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।

इस समझौते पर विभाग को बधाई देते हुए पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह समझौता राज्य की पारंपरिक क्षमताओं को तकनीक आधारित और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम संस्थानों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य इस क्षेत्र को आधुनिक परीक्षण अवसंरचना, कुशल कार्यबल, डिजाइन एवं नवाचार तथा बाजार से मजबूत संपर्क उपलब्ध कराना है। इस साझेदारी से हमारे एमएसएमई राष्ट्रीय और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा बन सकेंगे तथा अपनी निर्यात क्षमता बढ़ा सकेंगे।”

Punjab FDDI Agreement
पंजाब सरकार द्वारा खेल एवं जूता निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एफडीडीआई के साथ समझौता

उद्योग मंत्री ने आगे बताया कि इस साझेदारी के तहत खेल सामग्री के देश के प्रमुख निर्माण केंद्रों में से एक जालंधर में एक प्रस्तावित स्पोर्ट्स गुड्स टेस्टिंग एंड डेवलपमेंट लैब स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्यभर में फुटवियर एवं एक्सेसरीज़ परीक्षण हेतु सैंपल कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को अपनी उत्पादन इकाइयों के निकट ही मानक परीक्षण सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि इस समझौते में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा मजबूत कौशल विकास ढांचा भी शामिल होगा, जो उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा। विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजाइन, उत्पाद निर्माण, गुणवत्ता आश्वासन, खुदरा व्यापार तथा फैशन एक्सेसरीज़ जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे।
यह अवसंरचना निर्माताओं को उत्पाद विकास का समय घटाने, प्रमुख ब्रांडों के सख्त तकनीकी मानकों को पूरा करने तथा घरेलू एवं निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में सहायता करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि यह साझेदारी उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, अनुसंधान सहयोग तथा विशेषज्ञों एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगी। इससे पंजाब के औद्योगिक आधार को उच्च मूल्य और नवाचार आधारित विनिर्माण की ओर अग्रसर किया जा सकेगा तथा परीक्षण अवसंरचना, कुशल श्रमिकों और बाजार तक पहुंच से संबंधित लंबे समय से चली आ रही कमियों को दूर किया जा सकेगा।

इस समझौते पर इन्वेस्ट पंजाब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमित ढाका की उपस्थिति में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक जसप्रीत सिंह तथा एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक विवेक शर्मा ने हस्ताक्षर किए।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव श्री गुरकीरत किरपाल सिंह ने कहा कि यह समझौता केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत प्रौद्योगिकी अपनाने तथा क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के उद्योगों को ऐसे उत्पादन की ओर अग्रसर कर रही है जो उपभोक्ताओं की बदलती मांगों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।
उन्होंने कहा कि इस पहल से पंजाब के युवाओं, उद्यमियों और एमएसएमई के लिए खेल सामग्री और फुटवियर क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।

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