भिवानी, 31 अगस्त
भिवानी में 16वीं जिला स्तरीय सेपक टकरा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के करीब 20 गांवों से 200 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में लड़के और लड़कियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलेगा।
विधायक घनश्याम सराफ ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और खेलों के जरिए खिलाड़ी हरियाणा और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।वीओ:
भिवानी में जिला सेपक टकरा संघ के नेतृत्व में 16वीं जिला स्तरीय सेपक टकरा प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में भिवानी जिले के लगभग 20 गांवों से 200 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।प्रतियोगिता में सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में लड़के और लड़कियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने अपनी शानदार तकनीक, फुर्ती और लचीलेपन का प्रदर्शन करते हुए मुकाबलों में दमखम दिखाया।
सेपक टकरा खेल वॉलीबॉल की तरह खेला जाता है, लेकिन इसमें गेंद को हाथ से छूने की अनुमति नहीं होती। खिलाड़ी पैरों, सिर, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों की मदद से गेंद को खेलते हैं। यही वजह है कि इस खेल में खिलाड़ियों की फ्लेक्सिबिलिटी और फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण होती है।
जिला महासचिव सतवीर सिंह देराण ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया जा रहा है। जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ी अक्तूबर माह में रोहतक में होने वाले स्टेट गेम्स में भिवानी का प्रतिनिधित्व करेंगे।उन्होंने युवाओं से सेपक टकरा खेल में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस खेल में अभी प्रतियोगिता अपेक्षाकृत कम है और खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने के बेहतर अवसर हैं।
हरियाणा के सेपक टकरा खिलाड़ी आज SSB, CISF, BSF और इनकम टैक्स विभाग में भी देश सेवा कर रहे हैं।विधायक घनश्याम सराफ ने प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे खिलाड़ी जिस लगन और उत्साह के साथ खेल रहे हैं, उससे उम्मीद है कि आने वाले समय में यही खिलाड़ी देश और हरियाणा का नाम रोशन करेंगे।उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। पढ़ाई हो या खेल, युवाओं को बेहतर प्रदर्शन करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए।
खेलों से बच्चों की प्रतिभा, गुण और क्षमता सामने आती है और उनमें अनुशासन तथा प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।विधायक ने कहा कि वह पिछले करीब तीन-चार वर्षों से इस खेल से जुड़े हुए हैं और हर साल प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये खिलाड़ी आगे चलकर वर्ल्ड लेवल पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और देश के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतेंगे।
उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भिवानी के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन का भी जिक्र किया और खिलाड़ियों को बधाई दी, जिन्होंने पदक जीतकर हरियाणा और देश का नाम रोशन किया।
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