नई दिल्ली 10 जुलाई
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वर्ल्ड हेल्थ स्टेटिस्टिक्स 2026 रिपोर्ट ने वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है।इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की 99 प्रतिशत आबादी अब भी सुरक्षित सीमा से अधिक प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर है। वर्ष 2021 में 66 लाख मौतें घरेलू और बाहरी वायु प्रदूषण से जुड़ी हुई थी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत समेत कई देशों के लिए साल 2030 तक लोगों को सस्ती और अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य इस स्थिति और रफ्तार से हासिल करना मुश्किल होगा । 2015 से 2023 के बीच UHC सर्विस कवरेज इंडेक्स केवल 68 से बढ़कर 71 हुआ है। यदि यही गति जारी रही, तो 2030 तक यह सूचकांक केवल 74 तक पहुंच पाएगा।
हालाकि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र, जिसमें भारत भी शामिल है, 2015 के बाद स्वास्थ्य सेवाओं के कवरेज में 7 अंकों का सुधार दर्ज किया है। लेकिन फिर भी WHO का मानना है कि स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करने के लिए यह प्रगति पर्याप्त नहीं है।
WHO ने बच्चों के नियमित टीकाकरण को लेकर भी चिंता जताई है। खसरे की दूसरी डोज का कवरेज 2024 में केवल 76 प्रतिशत रहा, जो 90 प्रतिशत के वैश्विक लक्ष्य से काफी कम है। इससे कई देशों में खसरे के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
WHO ने देश की सरकारों से स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और लोगों का इलाज पर होने वाला निजी खर्च कम करने की अपील की है, ताकि 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
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