Angel Chakma Murder Human Rights Commission Entary:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के स्टूडेंट एंजेल चकमा की हत्या (Uttarakhand Angel Chakma Murder) ने देश को दहला दिया है. देवभूमि के नाम से जाना जाना वाले उत्तराखंड में नस्तवाद की वजह से एक छात्र को अपनी जान गंवानी पड़ी जो बहुत शर्मनाक है. सोशल मीडिया पर लगातार ये एंजेल चकमा को न्याय मिलने और राज्य में कानुन व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. अब मामले में मानवाधिकार आयोग की एंट्री हुई है. एंजेल और माइकल के पिता तरुण प्रसाद चकमा बीएसएफ़ में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर मणिपुर में पोस्टेड हैं.
मानवाधिकार आयोग का राज्य सरकार को नोटिस-
त्रिपुरा के स्टूडेंट एंजेल चकमा के मर्डर केस में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है. इस मामले में प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए अब तक की गई कार्यवाही पर डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने उत्तराखंड के चीफ सेक्रेटरी और पुलिस महानिदेशक (DGP) को पूरे राज्य में नॉर्थ ईस्ट के स्टूडेंट्स की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. रिपोर्ट में जांच की प्रोर्थस, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उठाए गए कदम और भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए किए गए उपायों की भी मांग की है.
Uttarakhand Angel Chakma Murder; 16 दिन जि़द़गी की जंग लड़ी लेकिन –
देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के 24 साल के एक छात्र की हत्या के बाद पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ उत्तर भारत में भेदभाव की घटनाओं की पोल खोल कर रख दी है. नौ दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र के बाज़ार में एक निजी यूनिवर्सिटी से एमबीए फाइनल कर रहे छात्र ऐजल चकमा पर हाथ के कड़े और चाकू से हमला किया गया.

त्रिपुरा के अगरतला स्थित नंदनगर के एंजल इस हमले में बुरी तरह घायल हो गए और 16 दिनों तक अस्पताल में ज़िंदगी से जंग लड़ने के बाद उनकी मौत हो गई. इस हादसे के वक़्त उनके छोटे भाई माइकल भी मौजूद थे. देहरादून पुलिस के मुताबिक़ इस मामले में अब तक दो नाबालिग सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और छठे को अभी तक पकड़ भी नहीं पाई है. पुलिस ने फ़रार अभियुक्त की गिरफ़्तारी के लिए 25 हज़ार रुपये का इनाम भी घोषित किया है.
नस्लिय टिप्पणी कर गले और पेट में चाकू से हमला-
9 दिसंबर को जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में MBA फाइनल ईयर के स्टूडेंट एंजेल चकमा अपने भाई माइकल चकमा के साथ ग्रोसरी स्टोर पर गए थे. इस दौरान नशे में धुत कुछ युवकों ने उनकी नस्त को लेकर टिप्पणी की.
जिस पर ऐजेल चकमा ने विरोध किया तो उन युवकों ने ऐजेल चकमा के साथ मारपीट कर युवकों ने उनके गले और पेट पर भी चाकू से हमला किया. एंजेल चकमा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद काफी दिनों तक वो जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे. आखिर में वो जिंदगी की जंग हार गए और शुक्रवार को उनकी मौत हो गई. 28 दिसंबर रविवार को, एंजेल का अंतिम संस्कार ज़िला उनाकोटी स्थित उनके पैतृक गाँव मचमरा में कर दिया गया है.
जो मेरे बच्चें के साथ हुआ, वो किसी के साथ न हो-

एंजेल और माइकल के पिता का कहना है कि जो उनके बच्चे के साथ हुआ, वो किसी और के बच्चे के साथ न हो. उन्होंने कहा, ‘मणिपुर है. मिजोरम है, नगालैंड, त्रिपुरा हर जगह से बच्चे वहाँ पढ़ने जाते हैं. दिल्ली. मुंबई, बेंगलुरु कोई नौकरी करने जाता है कोई पढ़ाई करने जाता है. कोई कंपनी में काम करने जाता है तो इनके साथ ग्रलत व्यवहार नहीं होना चाहिए.” हम भी भारतीय हैं. सरकार से मेरी विनती है कि सभी के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए, किसी के साथ रालत व्यवहार नहीं होना चाहिए, हमलोग नॉर्थ-ईस्ट से हैं इसलिए गलत व्यवहार ऐसा नहीं होना चाहिए.”
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