जींद 3 जुलाई
देश की पहली अत्याधुनिक और प्रदूषण मुक्त हाइड्रोजन ट्रेन के सफल संचालन की दिशा में रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में दिल्ली डिवीजन के DRM पुष्पेश त्रिपाठी ने प्रशासनिक व रेलवे अधिकारियों की टीम के साथ जींद जंक्शन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर, हाइड्रोजन प्लांट और स्टेडियम स्थित हेलीपैड का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं। जीरो पॉल्यूशन के साथ यह ट्रेन केवल पानी ही बाहर छोड़ती है।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए DRM पुष्पेश त्रिपाठी ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल बेहद ‘एडवांस स्टेज’ में पहुंच चुका है। सोनीपत-जींद रूट पर स्पीड ट्रायल किया जा चुका है, जबकि दिल्ली-सोनीपत और जींद-दिल्ली जैसे अन्य ट्रैक पर भी परीक्षण जारी हैं ताकि भविष्य के सभी विकल्प खुले रहें। उन्होंने कहा, “अगले 10 से 12 दिनों में हम ट्रायल की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। हालांकि, 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के हाई-स्पीड ट्रायल की अंतिम सफलता की मुहर ‘आरडीएसओ’ की संतुष्टि और रिपोर्ट के बाद ही लगेगी।
अप्रूवल मिलते ही ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। यह देश का एक बेहद प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट है, इसलिए संभावना है कि निकट भविष्य में कोई बड़ा वीवीआईपी इसका उद्घाटन करे। रेलवे अपनी तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर रहा है ताकि जिस दिन भी उद्घाटन की तारीख पक्की हो, ट्रेन जनता के लिए तैयार मिले। DRM ने जींद जंक्शन पर ‘अमृत भारत योजना’ के तहत हुए विकास कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि स्टेशन के साथ-साथ हाइड्रोजन फिलिंग प्लांट का ढांचा बेहद शानदार बनकर तैयार हुआ है।
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