फरीदकोट 3 जुलाई
पंजाब के जिला फरीदकोट के कोटकपूरा शहर में हुई मानसून की पहली बारिश ने ही नगर कौंसिलों की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही फरीदकोट, कोटकपूरा और जैतो शहर की कई प्रमुख सड़कें, मेन बाजार और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए। सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा हो गया जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वाहन चालकों, दुकानदारों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को आने-जाने के लए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हर साल मानसून से पहले नगर कौंसिल द्वारा शहरों के सीवरेज सिस्टम और वर्षा जल निकासी नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावे करती है।
अधिकारियों का कहना होता है कि बारिश के मौसम में जलभराव जैसी समस्या नहीं आने दी जाएगी। लेकिन इस बार भी मानसून की पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी। जिन इलाकों में हर साल पानी भरता है, वहां इस बार भी हालात पहले जैसे ही नजर आए। शहर के कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और निचले इलाकों में बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहा। कोटकपूरा में मुख्य मोगा रोड, बस अड्डे के पास का क्षेत्र और पुराना शहर सहित कई रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या देखने को मिली। वहीं जैतो शहर में भी मेन बाजार रोड तालाब जैसी दिखाई दीं। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि राहगीरों को पानी में होकर गुजरना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर कौंसिल द्वारा समय रहते नालों और सीवरेज लाइनों की प्रभावी सफाई नहीं करवाई गई। जगह-जगह नालों में गाद, प्लास्टिक और कचरा जमा होने के कारण बारिश का पानी तेजी से निकासी नहीं कर पाया। जिसके चलते थोड़ी सी बारिश ने ही शहर की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। व्यापारियों ने भी प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बाजारों में पानी भरने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई दुकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया, जिससे सामान खराब होने का खतरा पैदा हो गया।
लोगों का कहना है कि हर वर्ष यही स्थिति बनती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। शहरवासियों का कहना है कि यदि मानसून की पहली बारिश में ही यह स्थिति है तो आने वाले दिनों में लगातार और तेज बारिश होने पर हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि जल्द ही निकासी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो पूरे वर्षा काल के दौरान शहरों में जलभराव की समस्या बनी रहेगी।
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