Cork, Ireland: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में आयरलैंड पहुंचे, जहां वे 1985 के कनिष्क विमान बमकांड की 40वीं बरसी पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रद्धांजलि समारोह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे.
इस प्रतिनिधिमंडल में देश के विभिन्न हिस्सों से आए जनप्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें दिल्ली से विधायक अरविंदर सिंह लवली, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री बलदेव सिंह औलख, राजस्थान से विधायक गुरवीर सिंह ब्रार, उत्तराखंड से विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, एवं जम्मू-कश्मीर से विधायक नरिंदर सिंह रैणा प्रमुख हैं.
23 जून को कॉर्क स्थित अहाकिस्ता मेमोरियल पर आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आयरलैंड के प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन, कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी अनंदसंगरी, एवं अनेक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह आयोजन 329 निर्दोष नागरिकों की शहादत को स्मरण करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के विरुद्ध साझा प्रतिबद्धता का भी प्रतीक होगा.
कार्यक्रम की शुरुआत में आयरलैंड के प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन ने कहा, “1985 के उस भयानक दिन की 40वीं वर्षगांठ पर आज अहाकिस्ता में आकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूँ, जब एयर इंडिया के विमान को हमारे समुद्र तट के पास क्रूरतापूर्वक और भयानक तरीके से गिराया गया था. इस गंभीर स्मरणोत्सव में शामिल होना और उस गरिमा, समर्पण और देखभाल को देखना हमेशा सौभाग्य और सम्मान की बात होती है जिसके साथ आप अपने प्रियजनों को याद करते हैं, जो आज से 40 साल पहले इतनी भयावह तरीके से मारे गए थे.
उन्होंने अहमदाबाद में हुए विमान हादसे पर भारत, यूनाइटेड किंगडम, पुर्तगाल और कनाडा के लोगों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की. 12 जून को, लंदन जाने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद गुजरात के अहमदाबाद के मेघानी नगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
यह आयोजन न केवल 1985 के आतंकी हमले के 329 निर्दोष पीड़ितों की याद दिलाता है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है.
कॉर्क जाते समय, हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हीथ्रो से कॉर्क के रास्ते में… 1985 में एयर इंडिया कनिष्क फ्लाइट 182 पर मध्य हवा में किया गया नृशंस हमला, जिसमें आयरिश तट पर 329 निर्दोष लोगों की जान चली गई, विमानन इतिहास में आतंक के सबसे अमानवीय कृत्यों में से एक है. मैं सितंबर 2019 में टोरंटो के हंबर बे पार्क में कनिष्क स्मारक पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने में सक्षम था, जहाँ मैंने कई पीड़ितों के परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की, जिन्होंने अपना दर्द और पीड़ा साझा की थी.
बता दें 23 जून 1985 को, एयर इंडिया की उड़ान संख्या 182 को कनाडा स्थित खालिस्तानी आतंकवादी समूह बब्बर खालसा ने आयरलैंड के कॉर्क के निकट उड़ा दिया था, जिसके परिणामस्वरूप विमान में सवार सभी 329 यात्रियों की मौत हो गई थी.
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