SYL नहर में फिर सियासत का तूफान !

विशेष: एसवाईएल की नहर कांग्रेस सरकार में दशकों पहले चांदी की कस्सी से खोदी गई थी उसके बाद पंजाब और हरियाणा की सत्ता बदलती रही…

विशेष: एसवाईएल की नहर कांग्रेस सरकार में दशकों पहले चांदी की कस्सी से खोदी गई थी उसके बाद पंजाब और हरियाणा की सत्ता बदलती रही और कोर्ट में एसवाईएल पर सुनवाई की तारीख। नहर का कुछ नहीं हुआ, दरअसल इस नहर में आने वाला पानी कुदरती नहीं बल्कि राजनीतिक लगता है क्योंकि सत्ता में आने के लिए जमीन तैयार करने की भी नहर भी इसे आप मान सकते हैं ।

syl canal

इस नहर में राजनीति की लहरें ही हिलकोरे मारती आई है क्योंकि जबसे इस नहर को बनाने की बात हुई सिर्फ सियासत ही हुई। कानून की पेंचिदगियों के बीच फंसे इस नहर के निर्माण में कोई ठोस कदम अब तक उठाया नहीं गया। पंजाब से लेकर हरियाणा तक लगभग हर पार्टी की सरकार आई और एसवाईएल का राजनीतिकरण होता चला गया। एक बार फिर इनेलो ने कस्सी उठाई तो राजनीति का तूफान फिर से इस नहर में उठने लगी।

inld protest on shambhu barrier
jalyudh part-1, file

दरअसल इनेलो ने एसवाईएल के पानी के लिए जलयुद्ध की शुरुआत 23 फरवरी 2017 को थी, शंभू बैरियर पर हजारों इनेलो कार्यकर्ता इकट्ठा हुए, इधर पंजाब पुलिस बैरियर को छावनी में तब्दील कर चुकी थी। हालांकि ज्यादा कुछ नहीं हुआ अभय चौटाला समेत कई नेता हिरासत में लिए गए। लेकिन इतना तो जरूर हुआ कि इनेलो ने हरियाणा की जनता में एक साख बनाई। बांकि राजनीति दलों के बीच बोलने के शब्द नहीं थे उन्होंने इनेलो के जलयुद्ध पर चुटकी लेना शुरू कर दिया। खैर ये उनकी नाकामी मानिए क्योंकि एसवाईएल के इतिहास में पानी के लिए इस तरह का आंदोलन करने की हिम्मत किसी पार्टी ने नहीं दिखाई थी।

dushyant chautala

एक बार फिर इनेलो ने 10 जुलाई को पंजाब के खिलाफ एसवाईएल के पानी को लेकर बिगुल फूंक दिया है। इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा से लगते पंजाब के हर बॉर्डर पर पंजाब की गाड़ियों को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि ये सांकेतिक होगा लेकिन केंद्र से लेकर हरियाणा की सोई सरकार को जगाने का काम करेगा।

cm captain meet uma bharti union minister uma bharti

हालांकि सियासत हरियाणा ही नहीं पंजाब में भी जारी दिखाई दी। खुद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली पहुंच गए और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से मुलाकात कर इस मसले को सुलझाने की बात कही। हालांकि पंजाब सरकार पानी नहीं देगी ये भी बात सीएम कैप्टन कई बार कह चुके हैं क्योंकि इनका कहना है कि पंजाब के पास पानी है ही नहीं।

vijay sampla sadhu singh dharmasot

पंजाब के कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने भी SYL के मुद्दे पर इनेलो के इस कदम पर निशाना साधा। धर्मसोत ने कहा कि इनेलो का प्रदर्शन राजनीति तक सिमित है। सुर्खियों में रहने के लिए इनेलो राजनीति कर रही है।बेशक पंजाब की राजनीति में भाजपा कांग्रेस और अकाली दल राजनीति के तीन धूरी हों लेकिन एसवाईएल पर सब एजेंडा एक है हरियाणा को पानी नहीं देंगे। हालांकि हर पार्टी के कहने का तरीका अलग है। बीजेपी के पंजाब अध्यक्ष विजय सांपला ने सरकार को कानून व्यवस्था बनाने रखने के लिए विशेष प्रबंध की मांग कि है साथ ही एक बूंद भी पानी नहीं देने की बात भी दोहराई है।

dushyant chautala   cm captain meet uma bharti

अब सवाल ये भी अहम है कि क्या इनेलो के इस प्रदर्शन से एसवाईएल के मुद्दे पर कोई असर पड़ेगा। क्योंकि सालों से सुप्रीम कोर्ट भी मेहनत कर रहा है फैसला भी सुना दिया गया प्रेंसिडेंसियल रिफरेंस पर भी बात अभी तक नहीं बनीं, अब सवाल उठता है कि राजनीति की पेंच में एसवाईएल क्या ऐसे ही फंसा रहेगा। क्योंकि पंजाब पानी नहीं देने की बात पर अड़ा है, और हरियाणा हक लेकर रहेगा ये नारे लगा रहा है। खैर जो भी हो लेकिन एक बात जरूर है वो ये कि सियासत की इस नहर में इनेलो की नैया आगे जरूर रहेगी। बांकी तो हिचकोले खा ही रहे हैं ।

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