सिरसा, 13 जुलाई
सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने एक बार फिर हरियाणा की भाजपा सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में यदि किसी विधानसभा क्षेत्र की सबसे अधिक अनदेखी हुई है तो वह सिरसा विधानसभा है। उन्होंने कहा कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल, सीवरेज, सड़कों और पार्कों जैसी मूलभूत सुविधाओं का बुरा हाल है, जिससे आम जनता को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया से अपने निवास पर बातचीत करते हुए विधायक गोकुल सेतिया ने कहा कि सिरसा विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग (पब्लिक हेल्थ) की कार्यप्रणाली पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति करने वाले ट्यूबवेल 10 से 15 दिनों तक खराब पड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें समय पर ठीक नहीं किया जाता। इसके कारण लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में ट्यूबवेल खराब होने पर तुरंत मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन सिरसा में अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोग लंबे समय तक परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
उन्होंने हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा के कार्यकाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विभाग पूरी तरह फेल साबित हुआ है। सेतिया ने आरोप लगाया कि मंत्री का अपने विभाग की कार्यप्रणाली पर कोई नियंत्रण नहीं है और न ही सिरसा की समस्याओं की ओर उनका ध्यान है। उन्होंने कहा कि शहर में पीने के पानी और सीवरेज व्यवस्था चरमरा चुकी है, जिसके कारण नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस विधायक ने बताया कि वह सिरसा के विकास और जनता की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे, लेकिन उन आदेशों का धरातल पर कोई असर दिखाई नहीं दिया। उनके अनुसार, अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं और वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत नहीं कराया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सिरसा के अधिकारी मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं, जिसके कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा।
गोकुल सेतिया ने नगर परिषद द्वारा शहर में बिछाई जा रही पाइपलाइन परियोजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन डालने के बाद कई स्थानों पर नीचे से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। इसके अलावा जिन सड़कों की खुदाई की गई, उन्हें महीनों बाद भी दोबारा नहीं बनाया गया। इससे लोगों को धूल, गड्ढों और यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और निगरानी का पूरी तरह अभाव है।
गोकुल सेतिया ने शहर के पार्कों की बदहाल स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि हॉर्टिकल्चर विभाग में पार्कों की देखरेख के लिए पर्याप्त अधिकारी तक तैनात नहीं हैं, जिसके कारण पार्कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर के सार्वजनिक पार्क उपेक्षा का शिकार हैं और उनका रखरखाव नहीं किया जा रहा।
गोकुल सेतिया ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सिरसा कष्ट निवारण समिति का चेयरमैन बनाए जाने से लोगों को उम्मीद जगी थी कि जिले की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। मुख्यमंत्री स्वयं समिति की बैठक के लिए सिरसा भी आए, लेकिन इसके बावजूद शहर के हालात में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सिरसा में अधिकारी और सरकार के मंत्री काम करने की इच्छा ही नहीं रखते, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सिरसा का कोई रखवाला नहीं है। यदि समय रहते पेयजल, सीवरेज, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनता का आक्रोश और बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि सिरसा की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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