चंडीगढ़/अमृतसर, 6 अगस्त:
कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर यूआरएल https://www.instagram.com/bjp4india/reel/DbqvY3gAT_z तथा अन्य ऐसे यूआरएल अपलोड किए गए हैं, जिनमें पुलिस कमिश्नर, अमृतसर द्वारा 4 अगस्त, 2026 को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस, जिसके माध्यम से पंजाब पुलिस द्वारा आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने संबंधी तथ्यों के बारे में जानकारी दी गई थी, के कुछ हिस्सों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है ताकि नई दिल्ली के जंतर-मंतर स्थल पर हुए प्रदर्शनों को पाकिस्तानी आईएसआई समर्थित आतंकवादी मॉड्यूल्स से जोड़कर दिखाया जा सके।
पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि पुलिस कमिश्नर, अमृतसर की 4 अगस्त, 2026 को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि गिरफ्तार किए गए कुछ व्यक्तियों ने जंतर-मंतर पर जाकर रेकी की और पेट्रोल बमों से प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया था जिससे प्रतीत हो कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों ने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया या जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों का मॉड्यूल से कोई संबंध है।
प्रवक्ता ने बताया कि बदली गई बैकग्राउंड विज़ुअल, वीडियो की चयनात्मक एडिटिंग और साथ दिए गए कैप्शन/व्याख्या गलत हैं और ये गुमराह करने वाला प्रभाव देते हैं कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों से संबंधित थे। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस की ऑडियो और तथ्यों को बदला या मॉर्फ नहीं किया गया है, परंतु https://www.instagram.com/bjp4india/reel/DbqvY3gAT_z तथा अन्य यूआरएल पर चयनात्मक संपादन और साथ दिए गए कैप्शन एवं वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं करते। ये ऐसी कोशिशें प्रतीत होती हैं कि 4 अगस्त, 2026 को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कमिश्नर, अमृतसर द्वारा दिया गया बयान लोगों तक गलत एवं गुमराह करने वाले ढंग से पहुंचे।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


