बावल, 10 अगस्त
बावल थाना पुलिस ने स्क्रैप कारोबारी को तांबे का स्क्रैप सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्धनगर जिले के रोनीजा निवासी दीपेश, जो वर्तमान में दिल्ली के नेहरू विहार में किराये पर रहता है, तथा दिल्ली के नेहरू विहार निवासी सौरव के रूप में हुई है।
बावल की दुर्गा कॉलोनी निवासी जोगेंद्र जांगड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह विश्वकर्मा एंटरप्राइजेज के नाम से स्क्रैप का कारोबार करता है। उसकी व्हाट्सएप के जरिए पीयूष कुमार खेतान और संजीव खेतान से बातचीत हुई थी। दोनों ने खुद को तांबे के स्क्रैप का सप्लायर बताते हुए सस्ती दरों पर माल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
7 नवंबर 2025 को पीयूष ने दिल्ली स्थित एक गोदाम का पता भेजकर वहां से स्क्रैप उठाने के लिए ट्रक भेजने को कहा। कारोबारी ने ट्रक बताए गए पते पर भेज दिया। इसके बाद आरोपियों ने स्क्रैप लोड होने की तस्वीरें, वीडियो और वजन पर्ची भेजी। साथ ही अभि एंड कंपनी के नाम से करीब 51.29 लाख रुपये का ई-चालान और ई-वे बिल भी भेजा गया। बाद में जांच में ये दस्तावेज फर्जी पाए गए।
8 नवंबर को पीयूष ने रकीम खान नामक व्यक्ति से कारोबारी की फोन पर बात कराई और उसे गोदाम भेज दिया। वहां समीम और सुरेश यादव ने माल से भरा ट्रक दिखाया और स्क्रैप रिलीज करने से पहले भुगतान की मांग की। आरोप है कि इसी पूरे जाल के जरिए कारोबारी से 25 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
शिकायत के बाद बावल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने दीपेश और सौरव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने ठगी की रकम के लिए अपने बैंक खाते उपलब्ध कराकर गिरोह की मदद की थी।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और रकम के लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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