Rakhigarhi Iconic Archaeological Sites:
हरियाणा के हिसार जिले में स्थित ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी को 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों की सूची में शामिल करते हुए इस स्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की घोषणा की गई है। इसके लिए केंद्रीय बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। पिछले बजट में राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी विश्व की पुरानी सभ्यताओं में से एक है। यहां पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से की गई खुदाई में मोहनजोदड़ो के बाद सबसे बड़ा सिंधु घाटी स्थल राखीगढ़ी से मिले निष्कर्षों को लेकर पुरातत्वविद् और इतिहासकार उत्साहित हैं।
सबसे महत्वपूर्ण स्थलों –
वरिष्ठ पुरातत्वविद इसे कोई साधारण हड़प्पा स्थल नहीं मानते और कहते हैं कि यह भारत के सभी पुरातात्विक स्थलों में सबसे महत्वपूर्ण है। इस स्थल का क्षेत्रफल और आयाम पुरातत्वविदों ब्रिजेट ऑलचिन और जे.एम. केनियर द्वारा किए गए आकलन से कहीं अधिक विस्तृत है। राखीगढ़ी में सिंधु घाटी सभ्यता के प्रारंभिक, परिपक्व और उत्तरकालीन 3 चरण पाए गए हैं।
क्यों राखीगढ़ी खास?
राखीगढ़ी में करीब 6 हजार वर्ष पुरानी हड़प्पाकालीन सभ्यता खोजी जा चुकी है। खुदाई के दौरान यहां पर 5 दर्जन से अधिक कंकाल मिल चुके हैं। महिलाओं के गहने, पुरानी लिपि एवं पानी का खास निकासी सिस्टम भी मिला है। यह दिल्ली के पश्चिम-उत्तर में 130 किलोमीटर की दूरी पर विलुप्त सरस्वती-दृषद्वती नदी के पास नारनौंद तहसील में स्थित है। कुल 5 विशाल थेह थे और हाल ही में हुई खुदाई के दौरान हड़प्पा सभ्यता के योजनाबद्ध तरीके से निर्मित नगर व्यवस्था, रिहायशी घर जिसमें कमरे, रसोई, स्नानघर, सडकें, अनाज रखने के बर्तन, पानी निकासी की व्यवस्था, नगर की नाकाबंदी इत्यादि के अवशेष मिले हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राखीगढ़ी का पुरातात्विक महत्व देखते हुए इसे वर्ल्ड हैरिटेज में शामिल कर लिया गया है।



