Kasauli Forest Fire:
26 मई 2026 को लगभग दोपहर 3 बजे आग लगने के बाद, भारतीय सेना की कसौली ब्रिगेड ने घने जंगलों और दुर्गम क्षेत्र में आग के फैलाव को रोकने के लिए तुरंत और समन्वित कार्रवाई शुरू की। इस अभियान में सेना के जवानों, फायर टेंडरों और जल वाहनों द्वारा व्यापक जमीनी स्तर पर अग्निशमन प्रयास किए गए, वहीं भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने सुखना झील से पानी भरकर कई “बम्बी बकेट” सॉर्टीज़ के माध्यम से हवाई अग्निशमन अभियान चलाया। इन संयुक्त प्रयासों से गिल्बर्ट हिल और अपर मॉल सहित प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों में आग पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया तथा इसे संवेदनशील वन क्षेत्रों तक फैलने से रोका गया।
लड़ाकू और गैर-लड़ाकू विमानों से की ली मद्द
सेना के कर्मी, जिनमें लड़ाकू और गैर-लड़ाकू दोनों प्रकार के कर्मचारी शामिल हैं। कठिन परिस्थितियों में लगातार कार्य कर रहे हैं। वे फायरब्रेक तैयार करने, संवेदनशील क्षेत्रों को अलग-थलग करने तथा शेष हॉटस्पॉट्स को बुझाने में जुटे हैं। आग दोबारा न भड़क सके। दुर्गम क्षेत्रों में हवाई अग्निशमन अभियान अभी भी जारी है। अभियान में तैनात सभी कर्मी और उपकरण सुरक्षित हैं। नागरिकों या राहतकर्मियों के बीच किसी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं है।
भारतीय सशस्त्र बलों की उच्च स्तर की ऑपरेशनल
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेन्द्र सिंह, एवीएसएम, एसएम, आर्मी कमांडर, पश्चिमी कमान, ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जारी अभियानों की समीक्षा की और जमीनी स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों यह अभियान एक बार फिर भारतीय सशस्त्र बलों की उच्च स्तर की ऑपरेशनल रेडीनेस, अंतर-एजेंसी समन्वय तथा प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय आपात स्थितियों के दौरान जीवन, संपत्ति और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अन्य ख़बरें जानें-
Punjab and Haryana High Court: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कॉन्ट्रैक्ट
अन्य अपड़ेट के लिए जुड़े रहिए LIVING INDIA NEWS के साथ 24/7 LIVE



