Punjab Flood: पंजाब में बाढ़ से अब तक 46 की मौत, कल PM मोदी का दौरा, आज सीएम मान की कैबिनेट की बैठक

Punjab Weather/Flood Update: पंजाब में बाढ़ से शनिवार को चार जिलों में टूटे धुस्सी बांधों पर रविवार को दिनभर मरम्मत का काम चलता रहा. सेना…

Punjab Weather/Flood Update:

पंजाब में बाढ़ से शनिवार को चार जिलों में टूटे धुस्सी बांधों पर रविवार को दिनभर मरम्मत का काम चलता रहा. सेना और एनडीआरएफ की टीमें लगातार लगी हुई हैं. 23 जिलों के करीब 2 हजार गांव के 3 लाख 84 हजार की आबादी बाढ़ प्रभावित है. 12 जिलों के 46 लोगों की जान चले गई है. 1 भाखड़ा नागल डैम का जलस्तर करीब 2 फीट कम हुआ. पोंग डैम का जलस्तर खतरे के निशान से 7 फीट कम है. पीएम नरेंद्र मोदी पंजाब का दौरा 9 सितंबर को करेंगे. इस दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर वहां के पीड़ितों से भी मिलेंगे. राज्य में अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी हैं और कुछ लापता भी हैं.

PM के दौरे से पहले मुख्यमंत्री मान लेगे कैबिनेट की बैठक-

पंजाब के भाखड़ा नागल डैम का जलस्तर खतरे के निशान से 2 फीट नीचे आ गया है. आज तेज बारिश का अलर्ट नहीं है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिन ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है. 12 दिनों के बाद आज पंजाब के स्कूल-कॉलेज दोबारा खुल रहे हैं. बाढ़ग्रस्त इलाकों में शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे.

9 सितंबर को PM नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान सेहत खराब होने के बाद भी आज कैबिनेट की बैठक लेंगे. पंजाब के रोपड़ (रूपनगर) जिले के जिंदबड़ी, भनाम, प्लासी सिंघपुर, बेला रामगढ़ और पत्ती टेक सिंह गांवों का बीते 15 दिन से शहर संपर्क कटा हुआ है. यहां के 1000 से ज्यादा परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं. 2 दिन बाद आज राज्य के सभी जिलों में स्कूल-कॉलेज खुले हैं. लेकिन बाढ़ग्रस्त इलाकों में शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे.

1,76,980.05 हेक्टेयर फसल प्रभावित, अब तक 48 की मौत-

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य के कई जिलों में अब तक कुल 1,76,980.05 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है. बाढ़ के कारण अब तक जिला पठानकोट से तीन व्यक्ति लापता हैं. भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा टापू कालू वाला सतलुज दरिया में आई बाढ़ के लगभग दस फीट पानी में डूबा हुआ है. यहां के लोग सुरक्षित जगह पर जा चुके हैं लेकिन 15 लोग करीब 65 भैंसों की देखरेख के लिए ठहरे हैं. ग्रामीण भैंसों का सुबह-शाम दूध निकाल कर राहत कैंपों में ठहरे छोटे बच्चों के लिए कभी बीएसएफ के हाथ व कभी खुद नाव पर जाकर पहुंचाते हैं.

खबरों के लिए जुड़े रहिए Living India News के साथ 24/7 live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *