बलात्कारी बाबा के मामले में हरियाणा – पंजाब के मुख्यमंत्री आमने-सामने

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज़: दिल्ली में एक टीवी चैनल पर खट्टर ने कहा, ‘दुर्भाग्य यह भी है कि उनको जेड सिक्योरिटी हरियाणा ने दी थी,…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज़:
दिल्ली में एक टीवी चैनल पर खट्टर ने कहा, ‘दुर्भाग्य यह भी है कि उनको जेड सिक्योरिटी हरियाणा ने दी थी, लेकिन आठ पुलिसकर्मी पंजाब पुलिस के थे।
ये किस अथॉरिटी से भेजे गए हमें मालूम नहीं, हमारी पुलिस के पास एक-एक वेपन था, उन आठ के आठ पुलिसवालों के पास दो-दो वेपन थे। हरियाणा के पांचों कमांडो को हमने बर्खास्त कर दिया है। पंजाब के कमांडों को भी पकड़ लिया है। ये बहुत बड़ी कॉन्सपिरेसी थी कि अगर बाबा को सजा हो जाएगी तो हम निकाल करके, छुड़ा करके भाग जाएंगे लेकिन हमारी पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स ने उनकी साजिश को विफल कर दिया।’यह पूछे जाने पर कि क्या समर्थकों को पंचकूला में इकट्ठा होने देने के लिए उन पर बाबा की तरफ से दबाव डाला गया था, खट्टर ने कहा, ‘हमारे ऊपर कोई प्रेशर नहीं था, लेकिन यह जरूर है कि जो पिछले अनुभव है वो हमको ध्यान में थे। यह पूछे जाने पर कि एक लाख समर्थकों को पंचकूला क्यों आने दिया गया, खट्टर ने कहा, ‘हमने कोई उनका स्वागत नहीं करवाया था। हमने बसें रोक दी, हमने ट्रेन्स रोक दी, हमने पंचकूला के इर्द-गिर्द 17 नाके लगाए, लेकिन जो रहे थे, वो उनकी ब्लाइंड फॉलोविंग थी। ऐसे अंधभक्त जिन्हें कुछ नहीं पता कि बाबा असलियत में क्या है।पता नहीं किस किस रास्ते से आए, बहुत बड़ी संख्या में पंजाब से लोग आए, सिर्फ 30 पर्सेंट सीमा पंचकूला की हरियाणा के साथ लगती है, बाकी 70 पर्सेंट सीमा तो पंजाब या चंडीगढ़ के साथ है। हिमाचल-पंजाब का हाईवे नंबर 22, वो बिल्कुल ओपन है, उसे हम बंद नहीं कर सकते थे।’ इधर भी लोगों का पंचकूला की तरफ आना हुआ।

amarinder vs khattar

पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सख्त नोटिस लिया
वहीं खट्टर की बात का पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सख्त नोटिस लिया है। सी.एम.ओ. के एक अधिकारी का कहना है कि इसमें पंजाब सरकार का क्या दोष है। हरियाणा सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पंजाब सरकार पर आरोप मढ़ रही है।मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वी.आई.पी. लोगों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी होती है। आमतौर पर ऐसे लोगों के साथ लगाए गए सुरक्षाकर्मी जल्दी हटाए भी नहीं जाते हैं। अगर कोई मुलाजिम किसी के प्रभाव में आ जाए तो सरकार को तो दोषी नहीं ठहराया जा सकता। हरियाणा के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि पंजाब के बॉर्डर से लोग पंचकुला पहुंचे।उन्हें यह भी तो स्पष्ट करना चाहिए कि क्या घटना से पहले उन्होंने पंजाब सरकार के साथ कोई संपर्क साधा था, क्या उन्होंने पंजाब में लोगों को रोकने के लिए कहा था। हकीकत यह है कि हरियाणा सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया।

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