PM Modi Parliament Special Session:
संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र में पीएम मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया. इस सत्र में 2023 में परित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जमीनी स्तर पर लागू करना और लोकसभा की ताकत को बढ़ाना है. इस मौके पीएम ने कहा कि देश की 50 फ़ीसदी आबादी को नीति-निर्माण में शामिल होना चाहिए. संसद के स्पैशल सैशन में आज पीएम मोदी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर अपने विचार रखे.
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित
इस दौरान उन्होंने कहा कि जो आज इस बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि अब देश की बहनों पर भरोसा करें, 33 फ़ीसदी महिलाओं को यहां आने दें और उन्हें निर्णय करने दें. महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि देश की 50 फ़ीसदी आबादी को नीति-निर्माण में शामिल होना चाहिए. उन्होंने कहा, मुझे सबको साथ लेकर चलना है और मुझे संविधान ने यही सिखाया है. उन्होंने महिला आरक्षण पर कहा कि हम भ्रम में न रहें कि हम कुछ नारी शक्ति को दे रहे हैं, ये उनका हक है. और हमने कई दशकों से रोका हुआ है, आज उसका प्रायश्चित कर हमें उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है.
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा कि, मैं आज ज़िम्मेदारी से कहना चाहता हूं कि निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी. किसी के साथ अन्याय नहीं होगा. पहले जो परिसीमन हुआ है और जो अनुपात पहले से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा. उसी के अनुसार परिसीमन होगा. अगर गारंटी चाहिए, तो मैं गारंटी भी देता हूं.
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