पंचकूला 6 जुलाई
मानसून की सक्रियता और मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनज़र पंचकूला पुलिस नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता द्वारा पहले ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 तत्काल प्रभाव से लागू कर चुकी है। इसी कड़ी में सेक्टर-21 स्थित घग्गर नदी के छठ घाट के समीप सेक्टर-21 पुलिस चौकी इंचार्ज दीदार सिंह ने टीम के साथ पहुंचकर लोगों को जागरूक करते हुए नदी, नालों और बरसाती पानी वाले क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने की अपील की।
पुलिस ने लोगों को समझाया कि तेज बहाव का सही अनुमान लगाना बेहद कठिन होता है और थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा हादसे में बदल सकती है। साथ ही लोगों से अपने वाहन लेकर नदी, नालों अथवा जलभराव वाले स्थानों से गुजरने का प्रयास नहीं करने की भी अपील की । डीसीपी सृष्टि गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार पंचकूला जिले की भौगोलिक सीमा में आने वाली घग्गर, कौशल्या और टांगरी नदियों सहित किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित नदी, नाले, सहायक नदी अथवा बांध के किनारों के पास किसी भी व्यक्ति, चाहे वह वयस्क हो या बच्चा, के जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
अक्सर लोग रील बनाने, घूमने या बारिश का नजारा देखने के लिए पानी के समीप पहुंच जाते हैं, लेकिन अब इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त किसी भी व्यक्तिगत, सामाजिक, धार्मिक अथवा राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नदियों के पानी या उनके सूखे तल में उतरने की भी सख्त मनाही रहेगी।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जिले के 13 सबसे संवेदनशील एवं बाढ़ संभावित स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इनमें सेक्टर-21 घग्गर पुल (शनि मंदिर के पास), माजरी चौक घग्गर पुल के दोनों ओर, बुर्ज कोटिया, दीवानवाला, चंडी, थापली, बालू थापली, बरुन और चामला गांव के पास घग्गर नदी का क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा बरवाला पुल के समीप टांगरी नदी, खेतपराली गांव, रायपुर रानी (मोरनी टी-पॉइंट) के पास टांगरी नदी तथा मल्लाह पुल के दोनों ओर कौशल्या नदी क्षेत्र में भी जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत लगातार निगरानी रखी जाएगी।
सभी संबंधित एसीपी और थाना प्रभारियों को इन स्थानों पर नियमित गश्त कर आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।पंचकूला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान जारी सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। यदि कहीं जलभराव, तेज बहाव, पेड़ गिरने, सड़क क्षतिग्रस्त होने या किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिले तो बिना देरी किए पुलिस अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर जनहानि और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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