पंचकूला, 6 अक्टूबर
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ ने माईडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (MOTP) के विरोध में आंदोलन तेज कर दिया है। हड़ताल के दूसरे दिन भी नर्सिंग स्टाफ ने धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई।
एसोसिएशन ने CM को लिखा पत्र
ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन, हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष वीनीता कुमारी ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं और सभी जिला सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर नर्सिंग स्टाफ की समस्याओं से अवगत कराया है।एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने से नर्सिंग स्टाफ को कई तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रांसफर पॉलिसी से परिवार पर असर
बड़ी संख्या में महिला नर्सिंग स्टाफ पर बुजुर्ग माता-पिता, बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में दूर-दराज के क्षेत्रों में ट्रांसफर होने से उन्हें पारिवारिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।एसोसिएशन के मुताबिक नर्सिंग स्टाफ अस्पतालों में सुबह, शाम और रात तीनों शिफ्टों में मरीजों की सेवा करता है। कई नर्सिंग अधिकारी 24 घंटे स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की देखभाल के लिए उपलब्ध रहते हैं। ऐसे में ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने से पहले उनकी व्यावहारिक समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है।
मरीज और परिजन भी परेशान
वहीं, हड़ताल के चलते अस्पताल पहुंच रहे मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर होने के कारण दवाइयां देने और मरीजों की देखभाल में देरी हो रही है। सुबह के समय नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता कम होने से मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही हैं।
एसोसिएशन ने सरकार से नर्सिंग स्टाफ की मांगों पर सकारात्मक विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
अन्य खबरें जानें-
Bike theft gang busted in Kaithal: 3 बाइक चोर गिरफ्तार, 12 बाइक बरामद



