दिल्ली, 13 अगस्त
राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर होने वाले हादसों में घायलों को जल्द मदद मिल सके, इसके लिए NHAI ने आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस के लिए नियमों को कड़ा कर दिया है।नए नियमों के अनुसार एंबुलेंस को तय समयसीमा में पहुंचना होगा। नियमों का पालन न होने पर कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
NHAI के नए नियमों के अनुसार, टोल प्लाजा के 10 किलोमीटर के दायरे में हादसा होने पर एंबुलेंस को 10 मिनट के भीतर दुर्घटनास्थल पर पहुंचना अनिवार्य होगा। इससे अधिक दूरी के मामलों में पहुंचने का अनुमेय समय दूरी के अनुपात में बढ़ाया जाएगा। निर्धारित समय में नहीं पहुंचने पर प्रति घटना 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
हादसे से जुड़ा इमरजेंसी टिकट मिलने के बाद उसे तय समय के भीतर स्वीकार करना होगा। टिकट स्वीकार होने के बाद एंबुलेंस को 2 मिनट के भीतर रवाना होना अनिवार्य है। रवाना होने में देरी होने पर हर अतिरिक्त मिनट या उसके हिस्से के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
NHAI ने घायलों को गोल्डन आवर के भीतर इलाज उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इमरजेंसी टिकट स्वीकार होने के बाद मरीज को एक घंटे के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की समयसीमा तय की गई है। इसमें देरी होने पर प्रति घटना 10,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।
NHAI ने एंबुलेंस की निगरानी को डिजिटल सिस्टम से जोड़ दिया है। हाईवे पर तैनात एंबुलेंस में AIS-140 मानक वाले GPS उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। एंबुलेंस की लोकेशन और गतिविधियों की निगरानी GPS डेटा और IMS Care डैशबोर्ड के जरिए की जाएगी।
GPS डिवाइस नहीं होने या एंबुलेंस के डैशबोर्ड पर दिखाई नहीं देने की स्थिति में 2,500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा NHAI CARE ऐप और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए इमरजेंसी सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
इन मामलों में भी लगेगा जुर्माना
- इमरजेंसी टिकट रिजेक्ट करने पर प्रति घटना 10,000 रुपये का जुर्माना।
- टिकट स्वीकार करने के बाद एंबुलेंस रवाना करने में देरी पर प्रति मिनट 5,000 रुपये का जुर्माना।
- GPS नियमों का पालन नहीं करने या एंबुलेंस के डैशबोर्ड पर दिखाई नहीं देने पर 2,500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना
- एंबुलेंस में जरूरी उपकरण, दवाएं या पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिलने पर प्रति निरीक्षण 10,000 रुपये का जुर्माना।
- तय समय में दुर्घटनास्थल पर नहीं पहुंचने पर 10,000 रुपये का जुर्माना।
- मरीज को निर्धारित समय में अस्पताल नहीं पहुंचाने पर भी 10,000 रुपये की पेनल्टी।
NHAI ने क्यों सख्त किए नियम?
NHAI के मुताबिक, कई मामलों में GPS यूनिट के ऑफलाइन रहने, डिजिटल ऐप का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं होने और आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया में देरी के कारण हादसे के पीड़ितों को समय पर मदद नहीं मिल पाती थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसी देरी पर निगरानी बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं के बाद राहत एवं चिकित्सा सेवाओं को तेज करना है।
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