नई दिल्ली, 18 जुलाई
भारत के अंतरिक्ष इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड गया है। हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस ने देश का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1‘ सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। यह मिशन अपने पहले ही प्रयास में पूरी तरह सफल रहा, जिससे भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ गया।
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में दोपहर 12:05 बजे विक्रम-1 का लॉन्च किया गया। हालांकि लॉन्च करने का समय पहले 11:30 बजे निर्धारित किया गया था, लेकिन उड़ान से पांच मिनट पहले किसी तकनीकी जांच के चलते काउंटडाउन रोकना पड़ा। काउंटडाउन दोबारा शुरू हुआ और रॉकेट ने सफल उड़ान भरी।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापक पवन कुमार चंदना से फोन पर बात कर उन्हें और पूरी टीम को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने इसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
इससे पहले स्काईरूट ने वर्ष 2022 में विक्रम-S सबऑर्बिटल रॉकेट का सफल परीक्षण किया था, जिसने 89.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरी थी। वहीं, विक्रम-1 ने इस बार पृथ्वी की 450 किलोमीटर ऊंचाई वाली निम्न सर्कुलर कक्षा (Low Earth Orbit) तक सफलतापूर्वक पहुंचकर भारत की निजी अंतरिक्ष क्षमताओं को नई पहचान दिलाई।
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