कलायत, 14 जुलाई
कलायत के सजुमा गांव में पिछले दो हफ्ते से फैले हेपेटाइटिस ‘ए’ के प्रकोप के बाद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी वाटर वर्क्स पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर टी.आर. पवार ने मौके का जायजा लिया और कर्मचारियों को तुरंत स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
इस दौरान मौके पर पहुंचे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उनकी अधिकारियों के साथ तीखी नोक-झोंक हुई। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते कदम उठाए गए होते, तो आज गांव के बच्चे इस बीमारी का शिकार न होते।
ग्रामीणों ने उठाई पेयजल संकट की मांग
ग्रामीणों ने अधिकारियों और भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी को अवगत कराया कि वाटर टैंक में पानी की आवक बेहद कम है। उन्होंने मांग की कि गांव के वाटर वर्क्स को भाखड़ा नहर से कनेक्शन दिया जाए और वर्तमान कनेक्शन का साइज बड़ा किया जाए। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे इस गंभीर समस्या और उनकी मांगों को सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर इसका स्थाई समाधान करवाएंगी।
10 बच्चे अस्पताल में भर्ती
दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में लगातार नजर बनाए हुए है। कैथल की CMO डॉ. किरण संधू ने बताया कि प्रभावित इलाके से 29 नए सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हेपेटाइटिस से पीड़ित 6 बच्चों का इलाज सरकारी अस्पताल कैथल और 4 बच्चों का निजी अस्पतालों में चल रहा है, जबकि कुछ बच्चे घर पर ही उपचाराधीन हैं। फिलहाल जन स्वास्थ्य और स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस गांव में स्थिति को नियंत्रित करने पर टिका है।
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